यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच एक तरफ कूटनीतिक हलचल तेज़ हो गई है, वहीं दूसरी ओर युद्धभूमि पर हिंसा और हमले भी उसी गति से जारी हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर करीब दो घंटे तक फोन पर वार्ता हुई। इसी दौरान, यूक्रेनी सेना ने एक बड़ा हमला कर रूस को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।
यूक्रेन का बड़ा हमला, भारी नुकसान रूस को
यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, 20 मई को एक ही दिन में यूक्रेनी बलों ने रूस के 1030 सैनिकों को मार गिराया। साथ ही 5 बख्तरबंद वाहन, 1 टैंक, 105 सैन्य वाहन और ईंधन टैंक, 58 तोपें, 118 ड्रोन, 1 मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम और 2 विशेष सैन्य उपकरण भी नष्ट किए गए। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन अगर यह आंकड़े सही हैं तो यह एक दिन में रूस को हुआ सबसे बड़ा नुकसान माना जा सकता है।
इस हमले में रूसी वायुसेना के विमानों, हेलिकॉप्टरों, क्रूज मिसाइलों या पनडुब्बियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
शांति प्रयास और बातचीत की पहल
डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से और फिर व्लादिमीर पुतिन से बातचीत की। पुतिन ने इस वार्ता को ‘रचनात्मक’ बताते हुए कहा कि यदि कुछ बुनियादी शर्तों पर सहमति बनती है, तो अस्थायी युद्धविराम की संभावना बन सकती है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि रूस एक संभावित शांति समझौते का मसौदा तैयार करने को तैयार है — बशर्ते युद्ध के मूल कारणों पर चर्चा हो।
हालांकि इससे पहले वॉशिंगटन में ट्रंप और जेलेंस्की के बीच कुछ तीखी बातें भी हुई थीं, जिससे ऐसा लगने लगा था कि शांति की उम्मीदें क्षीण हो चुकी हैं। लेकिन ट्रंप ने पुतिन से संवाद की पहल कर इस दिशा में एक और कोशिश की है।
क्या निकलेगा युद्धविराम का रास्ता?
पिछले तीन महीनों में ट्रंप और पुतिन के बीच यह तीसरी बातचीत थी — पहली फरवरी, दूसरी मार्च और अब मई में — और यह अब तक की सबसे लंबी बातचीत भी रही। वैश्विक विश्लेषकों का मानना है कि यह वार्ता युद्धविराम की ओर एक बड़ा कदम हो सकती है। तीन साल से चल रहा यह संघर्ष अब शायद अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है।

