
प्रमुख बातें
- भरतपुर जोन: 104.63% राजस्व वसूली के साथ सबसे आगे।
- कोटा जोन: 103.64% राजस्व वसूली।
- जयपुर जोन: 101.32% राजस्व वसूली।
- कठिन जिलों जैसे भरतपुर, डीग, धौलपुर और करौली में भी राजस्व संग्रहण में लगभग 4% वृद्धि।
सर्किल स्तर की वसूली
- करौली सर्किल: 108.80%
- बूंदी: 105.66%
- कोटा: 104.08%
- भरतपुर: 103.75%
- धौलपुर एवं सवाई माधोपुर: 103.71%
- अन्य सर्किलों में भी 100% से अधिक वसूली हुई।
मुख्य कारण और उपाय
- शत-प्रतिशत बिलिंग और वसूली को प्राथमिकता दी गई।
- बकाया बिल वाले बड़े उपभोक्ताओं की सूची बनाकर उनसे वसूली सुनिश्चित की।
- सभी सर्किलों के मीलर मीटर (Defective Meter) हटाए गए, जिससे उपभोग के अनुसार सही बिलिंग हुई।
- विद्युत वितरण हानियां कम करके 11.02% और एटीएंडसी हानियां 9.24% तक लायी गईं।
- सौर ऊर्जा योजनाओं और विद्युत तंत्र सुधार के माध्यम से हर घर और खेत तक बिजली सुनिश्चित की गई।
जयपुर डिस्कॉम की ये उपलब्धि निगम के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित हुई है।
अगर चाहें तो मैं इसे और बहुत ही छोटा और आसान संस्करण बना दूँ जिसमें सिर्फ मुख्य आंकड़े और उपलब्धि ही रहे।
क्या मैं ऐसा कर दूँ?
