
कैसे हुआ विस्तार?
-
जयपुर के आसपास कई गांव अब शहरी सीमा में शामिल हो गए हैं।
-
पिछले 30 सालों में पहली बार नगर निगम की सीमा बढ़ाई गई है।
-
जगतपुरा, मानसरोवर, दिल्ली रोड, आगरा रोड, सीकर रोड और अजमेर रोड के कई गांव अब निगम क्षेत्र का हिस्सा बन गए हैं।
क्या होंगे फायदे?
✅ गांवों को शहरी सुविधाएं मिलेंगी।
✅ सड़कें, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज और पानी की आपूर्ति बेहतर होगी।
✅ स्वच्छता और सफाई में सुधार आएगा।
✅ रिहायशी, व्यावसायिक और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
✅ विवाह स्थलों से किराया और विज्ञापन साइट्स से निगम को अधिक राजस्व मिलेगा।
ग्रामीणों की चिंता
-
पहले गांवों के काम पंचायत में ही हो जाते थे, अब नगर निगम कार्यालय जाना पड़ेगा।
-
दूर के गांवों में विकास होगा या नहीं, यह समय बताएगा।
-
निगम के पास पहले से ही संसाधनों की कमी है, ऐसे में नए गांवों तक सुविधाएं पहुंचाना चुनौती होगी।
कौन-कौन से गांव हुए शामिल?
ग्रेटर नगर निगम क्षेत्र में शामिल गांव:
✅ सरना डूंगर, बावड़ी, मंशारामपुरा, हाथोज, बीड़ हाथोज, माचवा, नारी का बास, पीथावास, लालचंदपुरा, सबरामपुरा, पिंडोलाई, निवारू, बोयतावाला, मुहाना, मदाउ, बाढ़ मोहनपुरा, जगन्नाथपुरा, विधानी, जयसिंहपुरा, चतरपुरा, खेड़ी गोकुलपुरा, बक्शावाला आदि।
हैरिटेज नगर निगम क्षेत्र में शामिल गांव:
✅ विजयपुरा, सुमेल, रूपा की नांगल, गालपुरा, बल्लूपुरा, मुकंदपुरा, बगराना, नांगल सुसावतान, किशनपुरा उर्फ लालवास आदि।
निष्कर्ष
जयपुर के 78 गांवों को नगर निगम में शामिल करने से विकास कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है, लेकिन नई चुनौतियां भी सामने आएंगी।
