
मिठाई कारोबारी माधव सिंह ने बताया कि इस समय चांदी की कीमत काफी ज्यादा हो गई है। पहले जहां चांदी वर्क की एक गड्डी 600 रुपये में मिल जाती थी, अब वही 2500 रुपये तक पहुंच गई है। ऐसे में दुकानदार सजावट कम कर रहे हैं, ताकि ग्राहकों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
सजावट कम, स्वाद वही
कारोबारियों का कहना है कि बदलाव सिर्फ सजावट तक सीमित है। मिठाइयों के स्वाद और गुणवत्ता में कोई कमी नहीं की जा रही है। ग्राहक भी अब चांदी की चमक से ज्यादा मिठाई के स्वाद को महत्व देने लगे हैं।
ग्राहकों की बदलती पसंद
हलवाई सत्यनारायण शर्मा के अनुसार, महंगाई के चलते लोग अब सादी मिठाइयों को भी पसंद कर रहे हैं। शादी, त्योहार और पूजा-पाठ में अब सजावट से ज्यादा अच्छी क्वालिटी और स्वाद वाली मिठाइयों की मांग बढ़ रही है।
गृहणी सुनीता का कहना है कि बिना चांदी वर्क की मिठाइयों में भी वही स्वाद मिलता है, इसलिए सजावट कम होने से कोई फर्क नहीं पड़ता।
बंगाली मिठाइयों से हटाया गया चांदी वर्क
जयपुर हलवाई एसोसिएशन के सदस्य नवीन हरितवाल ने बताया कि बंगाली मिठाइयों पर अब चांदी का वर्क लगाना बंद कर दिया गया है। कई दूसरी मिठाइयों में भी चांदी की परत कम कर दी गई है। हालांकि, जिन मिठाइयों में चांदी वर्क जरूरी होता है, उनकी कीमतों में थोड़ा इजाफा किया गया है।
कुल मिलाकर, जयपुर के मिठाई बाजार में अब चमक से ज्यादा स्वाद और गुणवत्ता को तरजीह दी जा रही है।
