
जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, महिलाओं ने अपने आशियाने बचाने के लिए अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। नेता, रिटायर्ड पुलिस डीजी, व्यापारी और स्थानीय लोग भी विरोध में शामिल हुए। विरोध बढ़ने पर पुलिस ने पूर्व विधायक और रिटायर्ड डीजी समेत 17 लोगों को बगरू थाने भेज दिया।
जेडीए ने दिनभर की कार्रवाई में लगभग 225 निर्माण और अतिक्रमण हटाए। एक दिन पहले ही संसाधन चित्रकूट स्टेडियम में खड़े कर दिए गए थे और सुबह 5 बजे मौके पर रवाना कर दिए गए थे।
नगर निगम के पट्टे दिखाए तो बख्शा:
कुछ लोगों ने नगर निगम से मिले पट्टे दिखाए, जिसे देखकर जेडीए ने कुछ निर्माणों को फिलहाल नहीं तोड़ा। हालांकि अधिकारियों ने कहा कि सड़क सीमा में आ रहे सभी निर्माण eventually हटाए जाएंगे।
5 टीमों के साथ कार्रवाई:
सिरसी रोड को 160 फीट चौड़ा करने के लिए जेडीए ने 5 टीमें बनाई थीं, जिनमें उपायुक्त, मुख्य नियंत्रक प्रवर्तन और उप नियंत्रक शामिल थे। स्थानीय पुलिस भी मौके पर तैनात रही।
यातायात डायवर्जन:
कार्रवाई के दौरान ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। क्वींस रोड से सिरसी रोड जाने वाला यातायात वैशाली मार्ग कट से दूसरी तरफ मोड़ा गया। वहीं हसनपुरा नाले से खातीपुरा जाने वाला रास्ता हटवाड़ा तिराहा और सोडाला की तरफ डायवर्ट किया गया।
नेताओं ने जताई नाराजगी:
सुबह करीब 9 बजे भाजपा विधायक गोपाल शर्मा मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने जेडीए सचिव निशांत जैन से बातचीत कर सिविल लाइंस क्षेत्र की कार्रवाई रुकवा दी। विधायक शर्मा ने आरोप लगाया कि बिना नोटिस के 100 फीट चौड़ी सड़क को 160 फीट किया जा रहा है और जनता में डर का माहौल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अफसर सरकार के खिलाफ काम कर रहे हैं।
व्यापारियों का आरोप:
व्यापार मंडल अध्यक्ष भवानी सिंह राठौड़ ने कहा कि जेडीए ने उच्च न्यायालय के आदेश का नाम लेकर मनमानी की है और व्यापारियों की कोई सुनवाई नहीं की। व्यापारी सड़क पर उतरकर विरोध कर रहे हैं।
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