
इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंजूरी दी गई है। करीब 13,038 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट टोड़ी मोड़ से प्रहलादपुरा तक लगभग 41 किलोमीटर लंबा होगा। सरकार का लक्ष्य है कि इसे सितंबर 2031 तक पूरा किया जाए।
36 स्टेशन बनेंगे, एयरपोर्ट से भी कनेक्शन
इस मेट्रो लाइन में कुल 36 स्टेशन होंगे, जिनमें 34 एलिवेटेड और 2 अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे। एयरपोर्ट के पास अंडरग्राउंड स्टेशन बनाए जाएंगे, जिससे यात्रियों को सीधी सुविधा मिलेगी।
कई बड़े इलाकों को जोड़ेगी मेट्रो
मेट्रो फेज-2 के जरिए शहर के कई प्रमुख इलाके जैसे वीकेआई, विद्याधर नगर, अंबाबाड़ी, कलेक्ट्रेट, एसएमएस अस्पताल, रामबाग, दुर्गापुरा, सीतापुरा और प्रहलादपुरा सीधे जुड़ जाएंगे। इससे लोगों को आने-जाने में काफी आसानी होगी।
ट्रैफिक और प्रदूषण में कमी
इस परियोजना के बाद निजी वाहनों की जरूरत कम होगी। अनुमान है कि आने वाले समय में लाखों वाहन सड़कों से कम हो जाएंगे, जिससे ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आएगी।
जमीनों के बढ़ेंगे दाम
मेट्रो लाइन बनने से जिन इलाकों से यह गुजरेगी, वहां जमीन और प्रॉपर्टी के दाम बढ़ने की संभावना है। इससे शहर का विकास भी तेजी से होगा।
शहर को मिलेगी आधुनिक परिवहन सुविधा
कुल मिलाकर, जयपुर मेट्रो फेज-2 शहर के विकास और बेहतर कनेक्टिविटी की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके पूरा होने के बाद जयपुर की परिवहन व्यवस्था और मजबूत हो जाएगी।
