
नया रूट और दूरी
जयपुर मेट्रो का दूसरा फेज 36 किलोमीटर लंबा होगा। यह सीतापुरा से शुरू होकर सीकर रोड के टोड़ी मोड़ तक जाएगा। एयरपोर्ट के पास मेट्रो ट्रेन जमीन के नीचे (भूमिगत) चलेगी, जबकि बाकी लगभग 32 किलोमीटर रास्ता ऊपर (एलिवेटेड) रहेगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 10,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
राइट्स कंपनी ने इसकी ड्राफ्ट डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) सरकार को सौंप दी है। अब इसका आंतरिक परीक्षण चल रहा है। परीक्षण के बाद अगर जरूरत पड़ी तो कुछ बदलाव किए जाएंगे और फिर फाइनल रिपोर्ट तैयार होगी।
रूट का प्लान
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सीतापुरा से पिंजरापोल गौशाला तक मेट्रो एलिवेटेड (ऊपर) चलेगी।
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गौशाला से आगे मेट्रो भूमिगत (जमीन के नीचे) होगी।
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सांगानेर पुलिस स्टेशन के पास टोंक रोड पर एक भूमिगत स्टेशन बनेगा, जिससे यात्री सीधे सांगानेर एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 तक पहुंच सकेंगे।
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इसके बाद मेट्रो फिर से एलिवेटेड होकर बी-टू बायपास चौराहे से अशोक मार्ग तक जाएगी।
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अशोक मार्ग से मेट्रो गवर्नमेंट हॉस्टल, खासाकोठी सर्कल, कलक्ट्रेट सर्कल, चिंकारा कैंटीन, पानीपेच और अंबाबाड़ी से होते हुए सीकर रोड की तरफ बढ़ेगी।
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सीकर रोड पर भवानी निकेतन शिक्षण संस्थान से हरमाड़ा और फिर टोड़ी मोड़ तक मेट्रो चलेगी। यहां बीआरटीएस कॉरिडोर का इस्तेमाल मेट्रो के लिए किया जाएगा।
कितने स्टेशन बनेंगे?
हर एक किलोमीटर पर एक स्टेशन बनेगा। कुल 35 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से 34 स्टेशन एलिवेटेड होंगे और एयरपोर्ट के पास एक स्टेशन भूमिगत बनेगा।
अधिकारियों का कहना
जयपुर मेट्रो के सीएमडी वैभव गालरिया के मुताबिक, फेज-2 की ड्राफ्ट डीपीआर का आंतरिक परीक्षण चल रहा है। इसमें कुछ बदलाव संभव हैं। बदलाव के बाद जल्द ही फाइनल डीपीआर तैयार होगी।
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