बर्लिन/हैम्बर्ग: जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में स्थित एक प्रमुख अस्पताल में शनिवार देर रात आग लगने की गंभीर घटना सामने आई है। इस हादसे में तीन मरीजों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं ने रविवार को इस घटना की पुष्टि की।
जेरिएट्रिक वार्ड से शुरू हुई आग
यह हादसा मैरीन क्रैंकेनहाउस अस्पताल में हुआ, जहां आग भूतल पर स्थित वृद्ध मरीजों के वार्ड (जेरिएट्रिक यूनिट) के एक कमरे से शुरू हुई। धीरे-धीरे यह आग ऊपरी मंजिलों तक फैल गई, जिससे अस्पताल की चारों मंजिलों में गहरा धुआं भर गया। आग की तीव्रता को देखते हुए मरीजों और स्टाफ को तत्काल बाहर निकाला गया।
सतर्कता से टली बड़ी तबाही
अस्पताल स्टाफ और दमकल कर्मियों की तत्परता से समय रहते कई लोगों की जान बचाई जा सकी। दमकल विभाग के अनुसार, करीब 20 मिनट के भीतर आग पर नियंत्रण पा लिया गया। घायलों में से दो की हालत बेहद नाजुक है, जबकि 16 को गंभीर और 36 को मामूली चोटें आई हैं।
जांच जारी, कारण अज्ञात
अभी तक आग लगने के ठोस कारणों का पता नहीं चल सका है। जर्मन समाचार एजेंसी DPA के मुताबिक, फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है जो आग की वास्तविक वजह की जांच कर रही है। शुरुआती संकेत किसी तकनीकी खराबी या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट की ओर इशारा नहीं करते, लेकिन कोई संभावना फिलहाल खारिज नहीं की गई है।
राहत और बचाव कार्य सराहनीय
स्थानीय प्रशासन ने बचाव कार्य में शामिल सभी कर्मचारियों और दमकल कर्मियों की तेजी से की गई कार्रवाई की सराहना की है, जिसकी वजह से और बड़ी त्रासदी टल गई। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि घायल मरीजों को अस्पताल के अन्य हिस्सों और पास के चिकित्सा केंद्रों में शिफ्ट किया गया है।

