Breaking News

जहांगीरपुरी जमीन विवाद: वक्फ और DDA के बीच मामला, दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा

दिल्ली हाई कोर्ट में जहांगीरपुरी इलाके की जमीन को लेकर अहम सुनवाई हुई। इस जमीन पर मालिकाना हक को लेकर विवाद चल रहा है। एक पक्ष का कहना है कि यह जमीन दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की है, जबकि वक्फ बोर्ड इसे अपनी संपत्ति बता रहा है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है।

1977 में जमीन अधिग्रहण का दावा

याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत में कहा कि केंद्र सरकार ने 1977 में जहांगीरपुरी और आसपास के तीन-चार गांवों की जमीन अधिग्रहित की थी। बाद में यह जमीन कॉलोनी विकसित करने के लिए DDA को दी गई।
वकील का कहना है कि 1980 में वक्फ बोर्ड ने अधिसूचना जारी कर इस जमीन पर दावा किया, लेकिन जब जमीन सरकार ने अधिग्रहित कर ली थी तो वह वक्फ की नहीं हो सकती।

धार्मिक ढांचा और बाजार का मुद्दा

अदालत को बताया गया कि विवादित जमीन पर मस्जिद या मकबरा जैसे धार्मिक ढांचे बने हैं और वहां एक बाजार भी चल रहा है। सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर दावा किया गया कि ए और बी ब्लॉक पूरी तरह सरकारी जमीन है और उस पर कब्जा किया गया है।

शाही ईदगाह समिति का पक्ष

शाही ईदगाह प्रबंधन समिति का कहना है कि यह मामला पहले से वक्फ ट्रिब्यूनल में लंबित है। इसके बावजूद DDA जमीन पर अपने बोर्ड लगा रहा है। समिति ने अदालत से अनुरोध किया कि DDA को बोर्ड लगाने से रोका जाए।

कोर्ट ने DDA से जवाब मांगा है। DDA के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।

अगली सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट ने सभी पक्षों की बात सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।

About admin

Check Also

पटना हाई कोर्ट का बड़ा कदम: विधानसभा स्पीकर प्रेम कुमार सहित 42 विधायकों को नोटिस

पटना हाई कोर्ट ने बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार समेत 42 विधायकों को नोटिस जारी …

Leave a Reply

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Channel 009
help Chat?