
16 फरवरी से बढ़कर 16 अप्रैल हुई तारीख
इस परियोजना की टेक्निकल बिड 16 फरवरी 2026 को खोली जानी थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 16 अप्रैल कर दिया गया है। बिड खुलने के बाद ही टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी और काम शुरू हो सकेगा। ऐसे में पूरे प्रोजेक्ट में देरी की संभावना बढ़ गई है।
3645 करोड़ का बड़ा प्रोजेक्ट
राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में इस परियोजना की घोषणा की थी। इस पर कुल 3645.56 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा।
पहला चरण
-
जिले: चित्तौड़गढ़ और प्रतापगढ़
-
करीब 800 गांव और 622 ढाणियों को पाइपलाइन से शुद्ध पेयजल मिलेगा
-
खर्च: 1692.30 करोड़ रुपये
दूसरा चरण
-
जिले: राजसमंद और उदयपुर
-
कुल 1697 गांव और ढाणियां शामिल
-
राजसमंद: 790 गांव-ढाणी
-
उदयपुर: 907 गांव-ढाणी
-
-
खर्च: 1953.26 करोड़ रुपये
टेंडर प्रक्रिया कैसे होगी?
पहले टेक्निकल बिड खोली जाती है। दस्तावेजों की जांच के बाद सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया जाएगा। इसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू होगा।
अधिकारियों के अनुसार, अब टेक्निकल बिड अप्रैल में खोली जाएगी। जब तक प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक काम शुरू नहीं हो पाएगा।
इस देरी के कारण चारों जिलों के लोगों को पानी मिलने का इंतजार और बढ़ गया है।
