टोक्यो – भारत द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने के तहत, टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने जापान की राजधानी टोक्यो में एक अहम बयान देते हुए आतंकवाद की तुलना ‘पागल कुत्ते’ से की और पाकिस्तान को उसका ‘जंगली हैंडलर’ करार दिया। बनर्जी ने वैश्विक समुदाय से इस “हैंडलर” के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
उन्होंने कहा, “हम यहां यह बताने आए हैं कि भारत किसी भी परिस्थिति में झुकेगा नहीं। आतंकवाद के खिलाफ हमारा संघर्ष अटल है। अगर आतंकवाद एक बेकाबू पागल कुत्ता है, तो पाकिस्तान उसका वह प्रशिक्षक है जो इसे खुला छोड़ देता है। अब समय आ गया है कि दुनिया इस खतरे को पहचान कर इसके स्रोत को रोके।”
भारत का वैश्विक अभियान: पाकिस्तान को बेनकाब करने की कोशिश
भारत सरकार ने आतंकवाद को लेकर अंतरराष्ट्रीय जनमत बनाने के लिए एक बहुस्तरीय डेलीगेशन मिशन की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत, कई देशों में भारतीय प्रतिनिधिमंडल दौरे पर हैं ताकि पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद को दुनिया के सामने उजागर किया जा सके।
इस कड़ी में:
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कांग्रेस नेता शशि थरूर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल गुयाना रवाना हुआ है, जो अमेरिका, पनामा, ब्राजील और कोलंबिया का दौरा करेगा।
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भाजपा सांसद बैजयंत पांडा के नेतृत्व में दूसरा प्रतिनिधिमंडल बहरीन गया है, जो सऊदी अरब, कुवैत और अल्जीरिया जैसे देशों का दौरा करेगा।
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हैरानी की बात यह है कि AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी इस डेलीगेशन का हिस्सा हैं, जो भारत के आतंकवाद-रोधी प्रयासों में विपक्षी एकता को दर्शाता है।
क्या बोले अन्य प्रतिनिधि?
शशि थरूर ने रवाना होने से पहले कहा, “हम अपने अनुभव साझा करने और पाकिस्तान की भूमिका को सामने लाने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जानना चाहिए कि आतंकवाद किस प्रकार प्रायोजित और प्रबंधित हो रहा है।”
असदुद्दीन ओवैसी ने भी आतंकवाद के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पाकिस्तान अब भी आतंकी शिविरों को समर्थन दे रहा है और इसका पर्दाफाश जरूरी है।
बजयंत पांडा ने इस मिशन को भारत की एकता का प्रतीक बताया और कहा, “हम एक विशेष प्रकार के आतंकवाद से जूझ रहे हैं जो राज्य-प्रायोजित है। अब समय है कि पूरी दुनिया इस पर ध्यान केंद्रित करे।”
भारत का स्पष्ट संदेश: आतंकवाद की जड़ पर हमला जरूरी
भारत की इस कूटनीतिक पहल से यह साफ है कि अब केवल आतंकी घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने की बजाय, उनकी जड़ तक जाकर समाधान निकालने की कोशिश हो रही है। चाहे वह राजनीतिक मंच हो या अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, भारत ने पाकिस्तान को लेकर अपनी स्थिति और भी स्पष्ट कर दी है — “आतंकवाद का इलाज उसके जन्मदाता से शुरू होता है।”

