
🔧 कहां हो रही है देरी?
मीरा दातार तिराहे से बागरा तक के हिस्से में काम अधूरा है। खासकर तासखाना इलाके से सीएमएचओ ऑफिस तक पानी की पाइप लाइन शिफ्टिंग में दिक्कत आ रही है। 800 मीटर की पाइप लाइन निर्माण में अड़चन बनी हुई है। एस्टिमेट मांगा गया है, उसके बाद काम में तेजी आएगी।
⚠️ सड़क की हालत और खतरे
तासखाना से औद्योगिक क्षेत्र तक चार जगह बड़े गड्ढे बने हुए हैं। साथ ही, कंकरीट बिखरी पड़ी है, जिससे हादसे होने का खतरा बना हुआ है। सड़क ऊंची होने की वजह से दुपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
📅 कब तक पूरा होगा प्रोजेक्ट?
PWD अधिकारियों का दावा है कि पाइप लाइन और खंभों की शिफ्टिंग के बाद सिर्फ 2 महीने का काम बचा है।
डामरीकरण और बाकी कार्य 60 दिन में पूरा कर लिया जाएगा।
🏗️ प्रोजेक्ट की शुरुआत और उद्देश्य
इस फोरलेन प्रोजेक्ट की मांग ग्रेनाइट उद्योग से जुड़े लोगों ने ट्रैफिक लोड को देखते हुए की थी।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए 53.22 करोड़ रुपए मंजूर किए थे।
सड़क चौड़ी होने से यातायात सुगम होगा और हादसे कम होंगे।
📌 PWD जेईएन अनिल शर्मा के अनुसार, “मीरा दातार से बागरा तक शिफ्टिंग का काम जल्द पूरा होगा, इसके बाद डामरीकरण भी जल्द शुरू होगा।”
👉 जालोर-बागरा फोरलेन पूरा होने के बाद क्षेत्र की ट्रैफिक समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।
