
डीएम ने सबसे पहले ओपीडी का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से बात करके इलाज की स्थिति जानी और आभा आईडी बनने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कर्मचारियों से पूछा कि आईडी कितनी तेजी से बन रही है और कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हो रही।
इसके बाद डीएम इमरजेंसी वार्ड पहुंचे और वहां बेड, दवाइयों और इलाज की व्यवस्था को ध्यान से देखा। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) के साथ बैठकर पूरी व्यवस्था की समीक्षा की और सुधार के निर्देश दिए।
निरीक्षण की खबर मिलते ही अस्पताल के कर्मचारियों में तेजी आ गई और सभी अपनी जिम्मेदारियों को ठीक करने में जुट गए।
जिलाधिकारी को व्यवस्थाएं सामान्य और संतोषजनक मिलीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधाएं देना सबसे जरूरी है और इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
कुछ समय बाद निरीक्षण खत्म कर डीएम वापस लौट गए। उनके जाने के बाद अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली, लेकिन इस निरीक्षण से साफ हो गया कि व्यवस्थाओं को लगातार बेहतर रखना जरूरी है।
