जिलों में ADM के कई पद खाली, प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल; युवाओं को मौके की मांग तेज
राज्य के कई जिलों में अतिरिक्त जिला कलेक्टर (ADM) के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिससे प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने लगा है। अधिकारियों की कमी के कारण कई महत्वपूर्ण फाइलें और विकास कार्यों की प्रक्रिया धीमी पड़ रही है। इस स्थिति को लेकर अब युवाओं और प्रशासनिक सेवा से जुड़े अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है।
सूत्रों के अनुसार, राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों की पदस्थापना में संतुलन नहीं बन पाने के कारण कई जिलों में जिम्मेदार पद खाली हैं, जबकि कुछ जगहों पर अधिकारियों पर अतिरिक्त कार्यभार है। इससे प्रशासनिक निर्णयों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर असर पड़ रहा है।
युवाओं और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार को नए अधिकारियों को अवसर देना चाहिए। उनका मानना है कि खाली पदों को भरने से न केवल प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि युवाओं को रोजगार और जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी मिलेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशासनिक पदों पर लंबे समय तक रिक्तियां रहने से सरकारी योजनाओं की मॉनिटरिंग प्रभावित होती है। कई जिलों में एक ही अधिकारी को एक से अधिक जिम्मेदारियां संभालनी पड़ रही हैं, जिससे काम का दबाव बढ़ रहा है।
विपक्ष ने भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर नीति को संतुलित तरीके से लागू नहीं कर पा रही, जिसका असर आम जनता पर पड़ रहा है।
हालांकि सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि जल्द ही प्रशासनिक फेरबदल और नई नियुक्तियों को लेकर निर्णय लिया जाएगा। माना जा रहा है कि आने वाले समय में कई जिलों में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया तेज की जा सकती है।

