कीव/वारसॉ – यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की हत्या की एक और कोशिश को नाकाम कर दिया गया है। यह साजिश इस बार पोलैंड के Rzeszów एयरपोर्ट के पास रची गई थी, जहां रूस की खुफिया एजेंसी FSB ने एक पुराने स्लीपर एजेंट को दोबारा सक्रिय किया था। यह एजेंट या तो स्नाइपर हमले या ड्रोन के जरिये हमला करने की तैयारी में था।
दशकों पुरानी भर्ती, अभी हुआ एक्टिव
यूक्रेनी खुफिया एजेंसी SBU के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वासिल मल्युक के मुताबिक, यह एजेंट पूर्व सोवियत संघ (USSR) के दौर में रूस के संपर्क में आया था। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच रूस ने उसे दोबारा एक्टिव किया और मिशन सौंपा — जेलेंस्की की हत्या।
SBU ने पोलैंड की सुरक्षा एजेंसी के साथ मिलकर समय रहते ऑपरेशन को फेल कर दिया। कहा जा रहा है कि हमले के लिए Rzeszów एयरबेस को चुना गया था — जहां पश्चिमी देशों के सैनिक और सैन्य सामान की आवाजाही होती है।
जेलेंस्की बोले: अब डर नहीं लगता, जैसे ‘कोविड अलर्ट’ हो
लंदन से लौटते वक्त जेलेंस्की ने ब्रिटिश अखबार The Sun से कहा, “शुरुआत में डर लगा था… अब तो यह एक रूटीन अलर्ट जैसा लगता है। हर कुछ हफ्तों में नई रिपोर्ट आती है कि मुझे मारने की योजना है।” उन्होंने मजाक में कहा कि अब ये कोविड जैसे अलर्ट हो गए हैं — नए वेरिएंट्स के साथ बार-बार आते हैं।
जेलेंस्की ने The Guardian को यह भी बताया कि एक बार तो कीव में राष्ट्रपति कार्यालय के अंदर भी हमला हुआ था, जिसमें कई सुरक्षाकर्मियों की जान गई थी।
रूस की साजिशें थमी नहीं: अब तक 500 से ज्यादा जासूस गिरफ्तार
यूक्रेन की एजेंसियों के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 500 से ज्यादा रूसी एजेंट पकड़े जा चुके हैं। इनमें दो कर्नल ऐसे थे, जो सीधे जेलेंस्की की सुरक्षा टीम में शामिल थे। ये तथ्य इस बात की ओर इशारा करते हैं कि रूस की रणनीति लंबी और गहराई तक फैली हुई है।
360 से ज्यादा मिसाइलें और ड्रोन हमले
इधर युद्ध का मैदान भी शांत नहीं है। हाल के दिनों में रूस ने कीव समेत कई इलाकों में 360 से ज्यादा मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। एक अस्पताल, कई आवासीय इमारतें और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। इस दौरान कम से कम 8 लोगों की मौत हुई है और दर्जनों घायल हुए हैं।
निष्कर्ष: निशाने पर फिर से जेलेंस्की
रूस द्वारा की गई यह ताजा कोशिश यह दिखाती है कि वोलोदिमिर जेलेंस्की अब भी मॉस्को के लिए सर्वोच्च टारगेट बने हुए हैं। और भले ही यूक्रेन अंतरराष्ट्रीय समर्थन से लड़ाई लड़ रहा हो, राष्ट्रपति पर लगातार हो रहे हमले इस संघर्ष को और भी निजी और खतरनाक बना रहे हैं।

