रोम:
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की नाबालिग बेटी को लेकर सोशल मीडिया पर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी ने देश भर में आक्रोश फैला दिया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब नेपल्स के एक हाई स्कूल में पढ़ाने वाले प्रोफेसर स्टेफानो अडेओ ने मेलोनी की बेटी को लेकर बेहद संवेदनहीन बयान दे डाला। इस घटना के बाद सरकार ने उनके खिलाफ जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है।
क्या कहा प्रोफेसर ने?
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अडेओ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा था कि मेलोनी को तब असली पीड़ा का एहसास होगा जब उनकी बेटी के साथ कोई घातक दुर्घटना हो। इस टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और आम नागरिकों से लेकर राजनेताओं तक ने इसकी कड़ी निंदा की।
प्रोफेसर की सफाई: एआई की वजह से हुई गलती
मामले के तूल पकड़ते ही प्रोफेसर अडेओ ने सार्वजनिक तौर पर माफी मांगते हुए कहा कि यह बयान उनकी गलती से नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से लिखा गया।
उन्होंने कहा:
“मुझे खुद समझ नहीं आ रहा कि मैंने ऐसा कैसे लिख दिया। मैं किसी प्रकार की हिंसा का समर्थन नहीं करता। यह पूरी तरह एक त्रुटि थी, जिसे मैं स्वीकार करता हूं।”
सरकार की सख्ती: पद से हटाने की तैयारी
सरकार ने इस बयान को अति-गंभीर मानते हुए प्रोफेसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। कई मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि राजनीतिक असहमति के नाम पर किसी भी बच्चे को निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है।
जॉर्जिया मेलोनी और उनकी बेटी: निजी जीवन पर एक नजर
जॉर्जिया मेलोनी ने 2015 में एंड्रिया जियाम्ब्रुनो से विवाह किया था और 2016 में उनकी एक बेटी का जन्म हुआ।
हालांकि 2023 में इस दंपति का तलाक हो गया, जिसके बाद मेलोनी अपनी बेटी की अकेली अभिभावक हैं। कई मौकों पर प्रधानमंत्री मेलोनी को अपनी बेटी के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में देखा गया है।
मेलोनी ने पहले भी कहा है कि उनका राजनीतिक जीवन जितना चुनौतीपूर्ण है, उतना ही महत्वपूर्ण उनकी मां होने की भूमिका भी है।
निष्कर्ष
इटली में यह विवाद केवल एक आपत्तिजनक बयान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने राजनीति, नैतिकता और तकनीक के उपयोग पर भी बहस छेड़ दी है। प्रोफेसर अडेओ द्वारा AI को जिम्मेदार ठहराना, आने वाले समय में डिजिटल टूल्स के ज़िम्मेदार उपयोग पर नए सवाल जरूर खड़े करेगा।

