
क्या है थिक वेब स्विच?
रेलवे ट्रैक पर ट्रेन की दिशा बदलने के लिए टर्न आउट या स्विच का उपयोग होता है। अभी तक पारंपरिक स्विच लगाए जाते थे, जिनकी गति सीमा कम होती है। ज्यादा स्पीड पर हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
नई “थिक वेब स्विच” तकनीक में पटरियों के बीच का गैप कम होता है। इससे:
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ट्रेन ज्यादा रफ्तार से सुरक्षित चल सकती है
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कंपन और झटके कम होते हैं
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पटरी से उतरने का खतरा घटता है
कितनी बढ़ेगी रफ्तार?
अभी झांसी-खजुराहो रेलखंड पर ट्रेनों की अधिकतम गति 100 से 120 किमी प्रति घंटा है। नई तकनीक लागू होने के बाद इसे बढ़ाकर 160 किमी प्रति घंटा तक किया जा सकेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण में झांसी मंडल की मुख्य लाइनों पर काम शुरू होगा। इसके बाद झांसी-खजुराहो सेक्शन पर भी यह सिस्टम लागू किया जाएगा। इस खंड का सर्वे और योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है।
नई और पुरानी तकनीक में अंतर
पुरानी तकनीक:
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अधिकतम गति 110-120 किमी/घंटा
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सामान्य सुरक्षा स्तर
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ज्यादा कंपन और शोर
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बार-बार मरम्मत की जरूरत
नई तकनीक:
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अधिकतम गति 160 किमी/घंटा तक
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बेहतर सुरक्षा
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झटका मुक्त और शांत सफर
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ज्यादा टिकाऊ और कम रखरखाव
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
इस बदलाव से झांसी और खजुराहो के बीच यात्रा समय कम होगा। खजुराहो एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, इसलिए देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को भी इसका लाभ मिलेगा।
रेलवे का यह कदम बुंदेलखंड क्षेत्र में रेल सुविधाओं को आधुनिक और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
