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झालावाड़ जिले में गेहूं नहीं मिलने से परेशान हो रहे उपभोक्ता

झालावाड़। अप्रैल महीने के उपभोक्ता पखवाड़े के 9 दिन बीत जाने के बाद भी जिले की 115 राशन दुकानों पर गेहूं नहीं पहुंचा है। इस वजह से उपभोक्ता दुकानों से निराश होकर लौट रहे हैं। अभी भी जिले में 10 हजार क्विंटल गेहूं का उठाव बाकी है। दोपहर तक ऑनलाइन पोर्टल पर झालावाड़ जिला सबसे पीछे चल रहा था।

10 हजार क्विंटल गेहूं बाकी
अप्रैल महीने में जिले को 52 हजार क्विंटल गेहूं का आवंटन हुआ था। इसमें से अब तक 42 हजार क्विंटल गेहूं का ही उठाव हो पाया है। 9 दिन बाद भी सैकड़ों दुकानों पर राशन नहीं पहुंचा है।

इन ब्लॉकों की दुकानों पर राशन नहीं पहुंचा

  • खानपुर : 24 दुकानें

  • पिड़ावा : 26 दुकानें

  • मनोहरथाना : 17 दुकानें

  • झालरापाटन : 5 दुकानें

  • भवानीमंडी : 20 दुकानें

  • बकानी : 2 दुकानें

  • अकलेरा : 12 दुकानें

कई जगह गेहूं पहुंचा लेकिन वितरण नहीं हुआ
जिले की लगभग 25 दुकानों पर 1 अप्रैल को गेहूं पहुंच गया था, लेकिन अभी तक वितरण शुरू नहीं हुआ। ग्रामीण रोज दुकान खुलने का इंतजार करते हैं लेकिन दुकानें बंद रहती हैं। गेहूं खेड़ी, पचोला, गुलखेड़ी, मोतीपुरा, किशनपुरा, आवर, सिंहपुर, पिपलिया, गुराडिया जोगा, गुड़ा, रतनपुरा, क्यासरा, उमरिया, तीतरवासा, जोलपा, पनवाड़, दहीखेड़ा, गरबोलिया, टोकरी, बलदेवपुर, सालरिया सहित कई गांवों में अब तक वितरण शुरू नहीं हुआ है।

उठाव की तारीख बढ़ी, फिर भी धीमा काम
पहले गेहूं का उठाव 31 मार्च तक करना था, लेकिन समय पर नहीं होने के कारण एफसीआई ने तारीख 15 अप्रैल तक बढ़ा दी। इसके बावजूद जिले में उठाव बहुत धीमा है। गर्मी में लोग दुकानों पर भटक रहे हैं लेकिन उन्हें राशन नहीं मिल रहा।

जिला रसद अधिकारी का बयान
देवराज रवि, जिला रसद अधिकारी ने बताया कि 40 फीसदी वितरण हो चुका है और 60 फीसदी वितरण बाकी है। जिन दुकानों पर गेहूं नहीं पहुंचा है, वहां दो दिन में पहुंचा दिया जाएगा। अगर कोई दुकान जानबूझकर बंद रखी गई है, तो उसकी जांच करवाई जाएगी।

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