गर्मी बढ़ने पर क्यों बढ़ता है गुस्सा और चिड़चिड़ापन? जानें दिमाग पर हीट का असर
भीषण गर्मी सिर्फ शरीर को ही नहीं, बल्कि दिमाग और भावनाओं को भी प्रभावित करती है। तापमान बढ़ने पर कई लोगों में गुस्सा, बेचैनी, चिड़चिड़ापन और थकान जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा गर्मी में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए अतिरिक्त मेहनत करता है, जिसका असर सीधे ब्रेन और मूड पर पड़ता है।
गर्मी के कारण शरीर में पानी और नमक की कमी होने लगती है। डिहाइड्रेशन की स्थिति में दिमाग सही तरीके से काम नहीं कर पाता। इससे ध्यान लगाने में परेशानी, सिरदर्द, कमजोरी और मूड स्विंग जैसी दिक्कतें हो सकती हैं।
तेज गर्मी में नींद भी प्रभावित होती है। नींद पूरी न होने पर दिमाग ज्यादा संवेदनशील हो जाता है और छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आने लगता है। यही वजह है कि गर्मियों में कई लोग खुद को ज्यादा चिड़चिड़ा और बेचैन महसूस करते हैं।
ब्रेन को शांत रखने के लिए दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है। नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और मौसमी फल शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकते हैं। दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए और हल्के, ढीले कपड़े पहनने चाहिए।
मानसिक शांति के लिए गहरी सांस लेना, कुछ मिनट ध्यान करना, ठंडी जगह पर आराम करना और मोबाइल-स्क्रीन से थोड़ा ब्रेक लेना भी फायदेमंद हो सकता है। ज्यादा कैफीन, तला-भुना खाना और देर रात तक जागने से बचना चाहिए।
अगर गर्मी के दौरान लगातार चक्कर, तेज सिरदर्द, भ्रम, बहुत ज्यादा कमजोरी या बेहोशी जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हीटवेव के मौसम में शरीर के साथ-साथ दिमाग का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।

