
भीलवाड़ा को कैसे मिलेगा लाभ?
भीलवाड़ा या राजस्थान से अमरीका को टेक्सटाइल का सीधा निर्यात बहुत कम होता है। लेकिन चूंकि बांग्लादेश, वियतनाम, कंबोडिया, पाकिस्तान और चीन जैसे देशों पर भारत से ज्यादा टैरिफ लगाया गया है, इसलिए अमरीका अब भारतीय टेक्सटाइल की ओर रुख कर सकता है।
अमरीका भारतीय टेक्सटाइल का बड़ा खरीदार
वर्ष 2023-24 में भारत का टेक्सटाइल निर्यात लगभग 36 बिलियन डॉलर था, जिसमें अमरीका की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। बांग्लादेश से 17-18% गारमेंट निर्यात होता है, लेकिन टैरिफ बढ़ने से अब भारतीय निर्यात को अधिक मौका मिल सकता है।
निर्यातकों की राय
भीलवाड़ा के टेक्सटाइल निर्यातकों का मानना है कि भारत पर कम टैरिफ लगने से टेक्सटाइल उद्योग को सीधा फायदा होगा। वियतनाम और बांग्लादेश जैसे देशों पर ज्यादा टैरिफ लगने से भारतीय टेक्सटाइल की मांग बढ़ सकती है।
डब्ल्यूटीओ पॉलिसी का असर
पहले डब्ल्यूटीओ की मोस्ट फेवर्ड नेशन (MFN) पॉलिसी के तहत कुछ विशेष देशों पर कम टैरिफ लगाया जाता था। लेकिन नई पॉलिसी के तहत टैरिफ बढ़ने से ग्लोबल इकोनॉमी में बड़ा असर पड़ सकता है।
फिलहाल कोई नुकसान नहीं, भविष्य में मिलेगा फायदा
भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योग पर अभी कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। हालांकि, अगर बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों का निर्यात प्रभावित होता है, तो इसका लाभ भारतीय टेक्सटाइल उद्योग और भीलवाड़ा के उद्योगों को मिलेगा।
✍️ आर.के. जैन, महासचिव, मेवाड़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स, भीलवाड़ा
