
कई तरह के फूल लगाए गए
बगीचे में गेंदा, गजेनिया, कैलेंडुला, गुड़हल, पैंजी, आइस प्लांट, पिटुनिया, जरबेरा, होलीहॉक, डहेलिया, राखीबेल, सर्वण चंपा और निमेशिया जैसे कई रंग-बिरंगे फूलों के पौधे लगाए गए हैं। इन फूलों से बनी सुंदर क्यारियां और अलग-अलग डिजाइन पर्यटकों को बहुत पसंद आ रही हैं।
स्थानीय जलवायु के अनुसार पौधों का चयन
वन विभाग ने बगीचे में ऐसे पौधे लगाए हैं जो यहां की जलवायु में आसानी से उग सकें और जिन्हें ज्यादा पानी की जरूरत न पड़े। बगीचे को व्यवस्थित क्यारियों, गोल डिजाइन और पगडंडियों के साथ तैयार किया गया है, जिससे पर्यटक आराम से घूम सकें और फोटो भी ले सकें।
वन्यजीवों के लिए प्रसिद्ध है अभयारण्य
ताल छापर वन्यजीव अभयारण्य देशभर में ब्लैकबक, चिंकारा और घास के मैदानों के लिए जाना जाता है। यहां हर साल कई प्रवासी पक्षी भी आते हैं।
बागवानी पर दिया जा रहा जोर
वन विभाग अब अभयारण्य की जैव विविधता और जलवायु को ध्यान में रखते हुए यहां फूलदार, फलदार और औषधीय पौधे भी लगा रहा है। इससे अभयारण्य की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ पर्यटकों की संख्या भी बढ़ने की उम्मीद है।
