दावा- इमरान खान का तख्तापलट अमेरिकी साजिश थी
पाकिस्तानी सेना के साथ देने का आरोप, कहा गया- “इमरान हटे तो सब माफ हो जाएगा”
पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को सत्ता से हटाए जाने का मुद्दा चर्चा में है। दावा किया जा रहा है कि इमरान खान का तख्तापलट अमेरिकी साजिश का हिस्सा था और इसमें पाकिस्तानी सेना ने भी भूमिका निभाई। इस दावे के बाद पाकिस्तान की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है।
रिपोर्ट्स और राजनीतिक दावों के अनुसार, अमेरिका की ओर से कथित तौर पर यह संदेश दिया गया था कि अगर इमरान खान को सत्ता से हटा दिया जाता है, तो पाकिस्तान के साथ बिगड़े संबंध सामान्य हो सकते हैं। दावा यह भी किया गया कि “इमरान हटे तो सब माफ हो जाएगा” जैसी बात कही गई थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इमरान खान लंबे समय से यह आरोप लगाते रहे हैं कि उनकी सरकार को बाहरी दबाव और अंदरूनी ताकतों के गठजोड़ से गिराया गया। उनका कहना है कि उन्होंने पाकिस्तान की विदेश नीति को स्वतंत्र रखने की कोशिश की थी, इसलिए उन्हें सत्ता से हटाने की साजिश रची गई।
दूसरी तरफ, पाकिस्तानी सेना और अमेरिका पहले भी ऐसे आरोपों को खारिज करते रहे हैं। उनका कहना रहा है कि पाकिस्तान की राजनीतिक प्रक्रिया देश के अंदरूनी हालात और संसदीय व्यवस्था के तहत आगे बढ़ी। लेकिन इमरान समर्थकों का मानना है कि सत्ता परिवर्तन सिर्फ राजनीतिक घटना नहीं था, बल्कि इसके पीछे बड़ा अंतरराष्ट्रीय खेल था।
इस मुद्दे ने पाकिस्तान में लोकतंत्र, सेना की भूमिका और विदेशी हस्तक्षेप को लेकर बहस तेज कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इमरान खान का मामला पाकिस्तान की सत्ता संरचना की उस सच्चाई को फिर सामने लाता है, जहां नागरिक सरकार, सेना और विदेशी दबावों के बीच शक्ति संतुलन हमेशा बड़ा मुद्दा रहा है।
बड़ी बात
इमरान खान को सत्ता से हटाए जाने को लेकर अमेरिकी साजिश और पाकिस्तानी सेना की भूमिका के दावे ने पाकिस्तान की राजनीति को फिर गरमा दिया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यह मामला पाकिस्तान में लोकतंत्र और विदेशी हस्तक्षेप पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

