
चंद्रशेखर मूल रूप से नागपुर का रहने वाला है और मुलताई में किराए के मकान में रहता है। एक हफ्ते तक प्रशासन के अधिकारी उसे ढूंढते रहे, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। बाद में वह मुलताई में ही मिल गया। जांच करने पर पता चला कि चंद्रशेखर मजदूरी कर अपना गुजर-बसर करता है।
बैंक खाते पर शक
चंद्रशेखर ने बताया कि चार साल पहले नागपुर में श्रीनाथ मंगलम बैंक में अपना चालू खाता खुलवाया था। वह तब पेटी ठेकेदारी और दूध बेचने का काम करता था और रोज 200-300 रुपए बैंक में जमा करता था। खाता खोलते समय बैंक एजेंट ने उसका फोन नंबर भी लिया था, लेकिन नंबर को खाते से लिंक नहीं किया गया। इसी वजह से चंद्रशेखर को पता ही नहीं चला कि उसके खाते का गलत इस्तेमाल हो रहा था।
आयकर विभाग के नोटिस में बताया गया है कि चंद्रशेखर के खाते से लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का लेन-देन हुआ है। जबकि चंद्रशेखर का कहना है कि उसने कभी अपने खाते में एक लाख रुपए भी नहीं देखे। इतनी बड़ी रकम की खबर सुनकर वह सदमे में चला गया और इलाज के लिए नागपुर चला गया।
बता दें कि चंद्रशेखर को महाराष्ट्र के आयकर विभाग की ओर से यह नोटिस भेजा गया है।
