
प्रवेश वर्मा का आरोप: AAP का ‘नेक्सस’ टूटा
प्रवेश वर्मा ने कहा कि दिल्ली में भाजपा सरकार बनने के बाद AAP का नेक्सस टूट रहा है, इसलिए AAP नेता बौखलाए हुए हैं और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने कहा कि AAP ने 11 साल तक शासन किया, लेकिन अनधिकृत कॉलोनियों की समस्याओं को नजरअंदाज किया।
पूरा मामला क्या है?
हाल ही में किराड़ी क्षेत्र की जलभराव वाली तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। AAP ने इसे भाजपा सरकार की नाकामी बताया। इस पर जवाब देते हुए प्रवेश वर्मा ने कहा कि जलभराव AAP के 11 साल के शासन की देन है। उनके मुताबिक, अनधिकृत कॉलोनियों में जमीन का गलत तरीके से कारोबार हुआ, जिससे दिल्ली की 114 कॉलोनियां बदहाल स्थिति में पहुंच गईं।
अनधिकृत कॉलोनियों पर गंभीर आरोप
प्रवेश वर्मा का दावा है कि AAP विधायकों ने सस्ते दाम पर जमीन खरीदी और कीमत बढ़ाने के लिए सीवर लाइन के नाम पर मंजूरी ली। कुछ दूरी तक पाइपलाइन डालकर विकास का प्रचार किया गया, जमीन बिकने के बाद आगे का विकास ठप हो गया। इसी वजह से लोगों को आज गंदे पानी और जलभराव का सामना करना पड़ रहा है।
शर्मा कॉलोनी पर सबसे ज्यादा विवाद
जलमंत्री ने कहा कि शर्मा कॉलोनी में जलभराव की समस्या नई नहीं, बल्कि पिछले 10 सालों से बनी हुई है। यह इलाका लो-लाइंग एरिया में है, जहां आसपास के क्षेत्रों का गंदा पानी जमा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली AAP सरकार ने सीवर और ड्रेनेज पर कोई ठोस काम नहीं किया।
भाजपा का दावा: ड्रेनेज सिस्टम सुधारा जा रहा
प्रवेश वर्मा ने बताया कि रेखा सरकार ने किराड़ी-रिठाला क्षेत्र में नई ड्रेन बनाने का काम शुरू किया है। यह काम दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा किया जा रहा है। साथ ही सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग 220 करोड़ रुपये की लागत से ट्रंक ड्रेन बना रहा है, जिससे जलनिकासी बेहतर होगी।
AAP का पलटवार: DDA पर कूड़ा डालने का आरोप
AAP दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि किराड़ी में जलभराव प्राकृतिक नहीं, बल्कि DDA की वजह से हुआ है। उनके मुताबिक, भलस्वा लैंडफिल का कूड़ा पिछले 6–7 महीनों में यहां डाला गया, जिससे पानी की निकासी रुक गई।
उन्होंने उपराज्यपाल (LG) और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से सवाल किया कि किसके आदेश पर किराड़ी के खाली प्लॉटों में कूड़ा डाला जा रहा है।
AAP के और आरोप
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि कूड़ा भरने से पानी का प्राकृतिक बहाव बंद हो गया है, जिससे मानसून में हालात और खराब हो गए। उन्होंने दावा किया कि उनके पास स्थानीय विधायकों के पत्र हैं, जिनमें पहले ही चेतावनी दी गई थी कि कूड़ा तो भरा जा रहा है, लेकिन ड्रेनेज सिस्टम नहीं बनाया गया।
संजीव झा ने भी सवाल उठाया कि भाजपा कब तक 11 साल पुरानी AAP सरकार को दोष देकर अपनी नाकामियों से बचती रहेगी।
निष्कर्ष
किराड़ी के जलभराव को लेकर भाजपा और AAP आमने-सामने हैं। एक ओर भाजपा AAP के पुराने शासन को जिम्मेदार ठहरा रही है, तो दूसरी ओर AAP मौजूदा सरकार और DDA पर आरोप लगा रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा दिल्ली की राजनीति में और गरमाने की पूरी संभावना है।
