
दिल्ली में बने आयुष्मान आरोग्य मंदिर को लेकर भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता सौरभ भारद्वाज आमने-सामने आ गए हैं। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को बड़ी चुनौती दे डाली है — और कहा है कि अगर साबित हुआ कि उनका दावा झूठा है, तो वे राजनीति छोड़ देंगे।
क्या है पूरा मामला?
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार द्वारा पहले से बनाए गए मोहल्ला क्लीनिक और डिस्पेंसरी को सिर्फ रंग-रोगन कर नया नाम दे दिया गया है – आयुष्मान आरोग्य मंदिर। उन्होंने कहा कि पुराने क्लीनिक को नए नाम से पेश किया जा रहा है, जबकि असल में उसमें कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया है।
इस पर भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा:
“सौरभ भारद्वाज मीडिया के सामने आएं और एक ऐसा आरोग्य मंदिर दिखाएं जो उन्होंने बनाया हो और हम भाजपा वालों ने बस उस पर पेंटिंग कर दी हो। अगर ऐसा हुआ तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।”
भारद्वाज ने चुनौती को स्वीकार किया
सौरभ भारद्वाज ने तुरंत जवाब देते हुए कहा:
“मैं रामवीर सिंह बिधूड़ी की चुनौती पूरी तरह स्वीकार करता हूं। अगर मैं एक ऐसा आरोग्य मंदिर दिखा दूं जो पहले से मौजूद था और अब बस पेंटिंग करके नया नाम दे दिया गया है, तो उन्हें राजनीति छोड़नी होगी। अगर नहीं दिखा पाया, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।”
उन्होंने कहा कि वे भाजपा सांसद को चिराग दिल्ली लेकर जाएंगे, जहां एक डिस्पेंसरी 2017 में उनके विधायक रहते हुए और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन द्वारा शुरू की गई थी। अब उसी जगह पर पेंट बदलकर उसे आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में पेश किया जा रहा है।
नतीजा क्या होगा?
अब सबकी नजरें इस दौरे पर हैं कि क्या सौरभ भारद्वाज अपनी बात साबित कर पाते हैं या नहीं। और अगर हां, तो क्या रामवीर सिंह बिधूड़ी वादा निभाएंगे? मामला केवल एक क्लीनिक का नहीं, बल्कि राजनीतिक साख का बन चुका है।
