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दुनिया के सबसे बड़े मंदिर में विराजेगी भगवान विष्णु की प्रतिमा, इंदौर में दर्शन के लिए उमड़े श्रद्धालु

इंदौर में भगवान विष्णु की विशेष प्रतिमा का प्रदर्शन
मध्य प्रदेश के इंदौर में आज भगवान विष्णु की दिव्य प्रतिमा के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लग गया। राजवाड़ा पर इस प्रतिमा को दर्शन के लिए रखा गया, जहां महापौर पुष्यमित्र भार्गव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी तुलसी दल अर्पित कर भगवान के दर्शन किए।

भगवान विष्णु की प्रतिमा की विशेषताएं

  • ऊंचाई: 11 फीट
  • वजन: 21 टन
  • धातु: पंचधातु से निर्मित
  • अन्य विशेषताएं:
    • प्रतिमा में ब्रह्मा, विष्णु, महेश का समावेश है।
    • भगवान विष्णु शेषनाग के साथ विराजमान हैं।
    • चरणों में माता लक्ष्मी और गरुड़ जी की प्रतिमा है।
    • गरुड़ जी की प्रतिमा में अष्ट नागों का विवरण दिया गया है।

प्रतिमा की तैयारी में लगे 4.5 साल

प्रतिमा को तैयार करने में साढ़े चार साल का समय लगा। सबसे पहले मिट्टी का मॉडल बनाया गया, फिर फायबर और कास्टिंग के जरिए प्रतिमा को जयपुर में तैयार किया गया। अंतिम फिनिशिंग इंदौर में की गई। इस दिव्य प्रतिमा को तैयार करने में कुल 24 करोड़ रुपए की लागत आई, जो जन सहयोग से जुटाई गई।

शोभायात्रा और मंदिर में स्थापना

  • प्रतिमा को इंदौर से महाराष्ट्र के शहादा ले जाया जाएगा।
  • यात्रा 11 जनवरी को शहादा पहुंचेगी, जहां विशाल भक्ति महोत्सव का आयोजन होगा।
  • 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर, प्रतिमा को दुनिया के सबसे बड़े मंदिर के गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।

तुलसी दल के साथ भक्तों का उत्साह

भगवान विष्णु के दर्शन करने पहुंचे भक्त अपने साथ तुलसी दल लेकर आए। मान्यता है कि भगवान विष्णु को तुलसी प्रिय है, और इससे वे जल्दी प्रसन्न होते हैं।

शोभायात्रा का मार्ग

शोभायात्रा इंदौर से राजवाड़ा, गांधी हॉल होते हुए राऊ, महू, मानपुर, सेंधवा और अन्य स्थानों से गुजरकर शहादा पहुंचेगी।

भक्ति महोत्सव का आयोजन

  • दिनांक: 11 जनवरी को भक्ति महोत्सव
  • विशेष कार्यक्रम: भजन, कीर्तन, महापूजा और सत्संग
  • 15 जनवरी को महाप्रसादी: सभी भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

भगवान विष्णु की इस दिव्य प्रतिमा का दर्शन और स्थापना इंदौर वासियों के लिए गर्व की बात है।

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