
दानों में दाग और फफूंद का खतरा
किसानों को डर है कि ज्यादा नमी के कारण सरसों के दानों में दाग लग सकते हैं। इससे फसल की गुणवत्ता खराब होगी और बाजार में सही कीमत नहीं मिलेगी। जिन किसानों ने पहले ही फसल काट ली है, वे राहत महसूस कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि सरसों इस समय पकने की अवस्था में है। ऐसे में लगातार नमी रहने से दानों का रंग खराब हो सकता है और फफूंद लगने की आशंका भी बढ़ जाती है। इससे उत्पादन घट सकता है और किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
तापमान और मौसम का असर
सोमवार को दौसा में अधिकतम तापमान 30.7 डिग्री और न्यूनतम 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में उतार-चढ़ाव और नमी के कारण फसलों पर खराब असर पड़ सकता है। कुछ जगहों पर खेतों में पानी भरने से फसल गिरने की भी खबर है। कई किसानों ने बताया कि वे कटाई की तैयारी कर चुके थे, लेकिन मौसम खराब होने से काम रोकना पड़ा।
जंगली जानवरों से भी परेशानी
दौसा के सैंथल क्षेत्र के धर्मपुरा गांव में किसान नीलगाय और जंगली सुअरों से भी परेशान हैं। फसल बचाने के लिए किसान रात में पेड़ों पर बने अस्थायी मचान पर बैठकर पहरा दे रहे हैं।
किसान कमलेश और रामफूल शर्मा ने बताया कि जमीन से 7–8 फीट ऊंचाई पर बनाए गए ढांचे पर बैठकर वे टॉर्च की रोशनी से खेतों की निगरानी करते हैं। जैसे ही कोई जानवर खेत में घुसता है, आवाज और रोशनी से उसे भगा दिया जाता है।
वन क्षेत्र पास होने के कारण हर साल किसानों को यही समस्या झेलनी पड़ती है और फसल बचाने के लिए रातभर जागकर पहरा देना पड़ता है।
