

वक्फ बोर्ड विधेयक पर केंद्र सरकार को घेरा

कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक का असली मकसद देश के आर्थिक मुद्दों से ध्यान भटकाना है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका ने भारत पर भारी टैरिफ लगाया, जिससे व्यापार और रोजगार पर संकट आया, तब सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए था। लेकिन इसके बजाय, ध्यान भटकाने के लिए यह विधेयक लाया गया।
उन्होंने कहा कि कई देशों ने अमेरिका के इस कदम पर कड़ा जवाब दिया, लेकिन भारत सरकार चुप है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार असली मुद्दों से भाग रही है और धार्मिक आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश कर रही है।
पेपर लीक मामले पर सरकार को घेरा
सचिन पायलट ने कहा कि जब भाजपा सरकार सत्ता में आई थी, तब बड़े अपराधियों को पकड़ने की बात कही थी। लेकिन आज तक सिर्फ छोटे अपराधी ही पकड़े गए, जबकि असली गुनहगारों तक पहुंच नहीं बनी।
उन्होंने सवाल किया कि बड़ी जांच एजेंसियों के होते हुए भी असली दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या सरकार किसी को बचाने की कोशिश कर रही है?
सरकार कौन चला रहा है – दिल्ली या अफसर?
उन्होंने राजस्थान सरकार पर भी हमला करते हुए कहा कि किसानों को बोनस देने और एमएसपी पर कानून बनाने की कोई स्पष्ट नीति नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं, पुलिस पर हमले हो रहे हैं, लेकिन सरकार चुप है। प्रशासनिक नियंत्रण पूरी तरह खत्म हो चुका है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार दिल्ली से चलाई जा रही है या अधिकारी चला रहे हैं?
निवेश के झूठे दावे, सरकार की साख पर सवाल
राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट में 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश के दावे पर पायलट ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक प्रचार है।
उन्होंने कहा कि उद्योगपति सरकार का फोन तक नहीं उठा रहे, तो फिर निवेश कैसे आएगा? उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वे सिर्फ प्रचार कर रहे हैं और धर्म के नाम पर तनाव फैला रहे हैं।
फोन टेपिंग मामले में सरकार चुप क्यों?
सचिन पायलट ने किरोड़ी लाल मीणा के फोन टेपिंग के आरोपों का भी जिक्र किया और कहा कि सरकार इस पर जवाब देने से बच रही है। उन्होंने सवाल किया कि सरकार को खुद नहीं पता कि उसके मंत्री कौन हैं और कौन नहीं।
👉 उन्होंने कहा कि जनता सरकार से इन सभी सवालों का जवाब चाहती है।
