
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड और बस्तर जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य धुड़मारास और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बेहतर बनाना और उसे वैश्विक स्तर के अनुरूप विकसित करना है।
दौरे के दौरान किर्सी स्थानीय ग्रामीणों, पर्यटन से जुड़े लोगों और हस्तशिल्प कारीगरों से बातचीत करेंगी। वे पर्यटन के नए अवसरों की पहचान करेंगी और स्थानीय युवाओं व महिलाओं के लिए रोजगार और व्यवसाय के नए रास्ते सुझाएंगी।
स्थानीय संस्कृति और खान-पान का अनुभव
किर्सी धुड़मारास में पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम देखेंगी और धुर्वा डेरा होमस्टे में रुककर स्थानीय जीवनशैली और खान-पान का अनुभव लेंगी।
इसके अलावा वे बांस हस्तशिल्प से जुड़े कारीगरों से मिलेंगी और उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन और मार्केटिंग को बेहतर बनाने पर सुझाव देंगी।
छह दिन का कार्यक्रम
उनका दौरा 23 फरवरी को जगदलपुर पहुंचने के साथ शुरू होगा। वे चित्रकोट जलप्रपात, कोटमसर गुफा और तीरथगढ़ जलप्रपात का भी भ्रमण करेंगी।
साथ ही कायकिंग और राफ्टिंग जैसी साहसिक गतिविधियों का भी मूल्यांकन करेंगी।
वे स्थानीय समुदायों को “यूनाइटेड नेशंस बेस्ट टूरिज्म विलेज अपग्रेड प्रोग्राम” के बारे में जानकारी देंगी और ग्रामीण पर्यटन को टिकाऊ तरीके से विकसित करने पर अपने सुझाव साझा करेंगी।
यह दौरा बस्तर पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
