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नगर निगम आयुक्त विवेक सिंह पर गिरफ्तारी वारंट जारी, जल प्रदाय घोटाले में हाईकोर्ट की सख्ती

ग्वालियर।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जल प्रदाय घोटाले से जुड़े एक पुराने मामले में नगर निगम के पूर्व आयुक्त विवेक कुमार सिंह की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि यदि वे 5 मई को उपस्थित नहीं होते, तो उन्हें गिरफ्तार कर पेश किया जाए।


क्या है मामला?

यह मामला साल 2004-05 का है, जब नगर निगम के जल प्रदाय विभाग में 2 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च किए गए थे। जांच में सामने आया कि 1.69 करोड़ रुपए का भुगतान गड़बड़ी वाला था। इसको लेकर सुधीर कुशवाह नामक व्यक्ति ने लोकायुक्त में शिकायत की थी। जांच के बाद विभाग में भारी घोटाले का खुलासा हुआ और 12 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिसमें विवेक सिंह भी शामिल थे।


निचली अदालत ने किया था दोषमुक्त

29 नवंबर 2021 को विशेष सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए तीन आरोपियों को दोषी पाया और सजा दी, जबकि विवेक सिंह समेत 9 लोगों को बरी कर दिया गया।


लोकायुक्त ने हाईकोर्ट में अपील की

इस फैसले के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने हाईकोर्ट में अपील की। कोर्ट ने सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर पेश होने को कहा, जिसमें से 8 लोग पेश हो गए, लेकिन विवेक सिंह अनुपस्थित रहे। इसी कारण हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया।


लोकायुक्त का पक्ष

लोकायुक्त के वकील सुशील चतुर्वेदी ने कोर्ट में कहा कि निचली अदालत ने साक्ष्यों और गवाहियों को अनदेखा किया है। विवेक सिंह ने अपने अधिकार किसी और को सौंप दिए थे, लेकिन पूरे मामले की जानकारी उन्हें थी, इसलिए वह भी जिम्मेदार हैं। इसीलिए निचली अदालत का फैसला गलत था और उसे निरस्त किया जाना चाहिए


इस फैसले से साफ है कि अब विवेक सिंह को इस मामले में जवाब देना होगा और कोर्ट की अगली तारीख पर हाजिर होना अनिवार्य है।

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