नरवणे का बयान: चीन गतिरोध में सरकार ने सेना को अकेला नहीं छोड़ा; राहुल के दावे पर सियासत तेज
भारत-चीन सीमा तनाव को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। पूर्व थलसेना प्रमुख Manoj Mukund Naravane ने कहा है कि चीन के साथ गतिरोध के दौरान सरकार ने सेना को “अकेला नहीं छोड़ा” और हर स्तर पर सहयोग दिया।
नरवणे ने क्या कहा?
नरवणे के मुताबिक, सीमा पर तनाव के समय राजनीतिक नेतृत्व और सैन्य नेतृत्व के बीच बेहतर समन्वय रहा। उन्होंने संकेत दिया कि फैसले सोच-समझकर और संस्थागत प्रक्रिया के तहत लिए गए।
राहुल गांधी के दावे पर विवाद
इस बयान के बीच Rahul Gandhi का एक पुराना दावा भी चर्चा में है, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री ने पूर्व आर्मी चीफ से कहा था—“जो उचित समझो, करो।”
इस दावे को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
सरकार vs विपक्ष
- सरकार का पक्ष: सेना को हर जरूरी समर्थन और संसाधन दिए गए
- विपक्ष का सवाल: फैसलों में स्पष्टता और जवाबदेही पर चर्चा जरूरी
विशेषज्ञों की राय
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाज़ी से बचना चाहिए और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
निष्कर्ष
चीन गतिरोध पर पूर्व सेना प्रमुख का बयान सरकार के समर्थन में माना जा रहा है, वहीं राहुल गांधी के दावे ने इस मुद्दे को फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है।

