Site icon CHANNEL009

नियमों की अनदेखी कर कार्यपालन अभियंताओं को अधीक्षण अभियंता बनाया, संघ ने जताया विरोध

जबलपुर, 13 मई 2025:
मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा कार्यपालन अभियंताओं को अधीक्षण अभियंता (चालू प्रभार) के पद पर पदस्थ करने के आदेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरक्षित वर्ग अधिकारी-कर्मचारी संघ ने इस आदेश को कंपनी नियमों और सरकार द्वारा तय मापदंडों के खिलाफ बताया है और इसे तुरंत रद्द करने की मांग की है।


क्या है मामला?

कंपनी ने 13 मई 2025 को एक आदेश जारी कर कुछ कार्यपालन अभियंताओं को अधीक्षण अभियंता के पद पर (करंट चार्ज में) पदस्थ कर दिया।
संघ का आरोप है कि इस पदस्थापना में 1 जनवरी 2020 की वरिष्ठता सूची को नजरअंदाज किया गया है।
साथ ही, यह कदम कंपनी के नियमों और सरकारी मापदंडों के विरुद्ध बताया गया है।


संघ ने सौंपा ज्ञापन

संघ के सदस्यों ने मुख्य अभियंता, संजय गांधी ताप विद्युत गृह को ज्ञापन सौंपा।
उन्होंने मांग की है कि—

  • 13 मई का आदेश तत्काल रद्द किया जाए

  • और 1 जनवरी 2020 की ग्रेडेशन लिस्ट के अनुसार नया आदेश जारी किया जाए।


क्या कहा गया ज्ञापन में?

संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष गणेश अहिरवार ने बताया—

  • वर्ष 2014 और 2015 में जो आरक्षित वर्ग के सहायक अभियंता पदोन्नत होकर कार्यपालन अभियंता बने थे, वे अब 10–11 वर्षों की सेवा पूरी कर चुके हैं।

  • कंपनी के नियमों के अनुसार 5 साल की सेवा और वरिष्ठता सूची के आधार पर ही अधीक्षण अभियंता बनाया जाना चाहिए।

लेकिन इस बार—

  • वरिष्ठों को नजरअंदाज कर मनमाने तरीके से पदस्थापना की गई है।

  • हाईकोर्ट में लंबित केस का हवाला देकर पात्र अधिकारियों को मौका नहीं दिया गया।


चेतावनी दी संघ ने

संघ ने कहा है कि—

यदि इस मुद्दे का हल नहीं निकाला गया, तो वे हाई कोर्ट, अनुसूचित जाति आयोग और अनुसूचित जनजाति आयोग की शरण लेंगे।
इसका पूरा जिम्मा कंपनी प्रबंधन का होगा।


ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख सदस्य:

  • गणेश अहिरवार

  • सुरजन सिंह

  • सुनील भोयर

  • धर्मराज बघेल

  • जेजी बनसोड़

  • और अन्य संगठन सदस्य मौजूद रहे।

Exit mobile version