
सात नेताओं की बनाई गई टीम
सूत्रों के अनुसार निशांत कुमार के साथ काम करने के लिए सात प्रमुख नेताओं की टीम बनाई गई है। इस टीम में इस्लामपुर के विधायक रूहेल रंजन, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद मुकेश, जदयू नेता दिनेश कुमार सिंह, सांसद वीणा देवी की बेटी और विधायक कोमल सिंह, नेता आनंद मोहन के बेटे और विधायक चेतन आनंद, नीतीश कुमार के भांजे मनीष कुमार और विधायक अतिरेक कुमार शामिल हैं।
युवाओं को मिल सकता है बड़ा मौका
पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने नई सरकार में मंत्री बनने के बजाय संगठन में काम करने की इच्छा जताई है। ऐसे में माना जा रहा है कि ‘टीम निशांत’ के कुछ युवा नेताओं को सरकार में जिम्मेदारी मिल सकती है।
नई सरकार में बन सकते हैं मंत्री
सूत्रों के मुताबिक नई सरकार बनने पर जदयू की ओर से लगभग 15 मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिनमें युवाओं को ज्यादा मौका मिलने की संभावना है।
निशांत कुमार बन सकते हैं उपमुख्यमंत्री
राजनीतिक चर्चा यह भी है कि अगर नई सरकार में मुख्यमंत्री पद भाजपा के पास जाता है, तो ऐसी स्थिति में निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। उनके साथ उनकी टीम के कुछ युवा नेताओं को भी मंत्री पद मिल सकता है।
बड़ी जिम्मेदारी होगी
पार्टी नेताओं का कहना है कि सक्रिय राजनीति में आगे बढ़ने के साथ निशांत कुमार के सामने कई चुनौतियां भी होंगी। उन्हें एक तरफ पार्टी संगठन को मजबूत करना होगा और दूसरी तरफ बिहार की जटिल सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों का भी सामना करना पड़ेगा।
