नई दिल्ली:
भारत में नॉर्वे की राजदूत मॅई-एलीन स्टेनर (May-Elin Stener) ने 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को एक प्रभावशाली संदेश और योगासन के साथ मनाया। उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर दो तस्वीरें साझा कीं, जिनमें उनके योग अभ्यास की यात्रा को दर्शाया गया है।
“कैसे शुरू हुआ और अब कहां पहुंचा हूं”
एक तस्वीर में वे सिर्फ हेडस्टैंड (शीर्षासन) कर रही हैं, जबकि दूसरी में वे हेडस्टैंड लोटस पोज़ में नज़र आ रही हैं — जो योग की एक कठिन मुद्रा मानी जाती है। उन्होंने मज़ाकिया अंदाज़ में लिखा:
“How it started vs how it’s going.”
स्टेनर ने कहा:
“जैसे ही हम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 मना रहे हैं, मैं अपने हेडस्टैंड लोटस पोज़ का प्रयास साझा करने में गर्व महसूस कर रही हूं! योग मेरे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी रहा है, और मैं आशा करती हूं कि यह आपके लिए भी ऐसा ही हो।”
सोशल मीडिया पर बधाइयों की बौछार
उनकी इस पोस्ट पर लोगों ने जमकर तारीफ की और भारतीय संस्कृति के प्रति उनके सम्मान को सराहा। एक यूज़र ने लिखा:
“यह तो शानदार है! एक विदेशी राजनयिक का इस तरह भारतीय परंपरा को अपनाना बहुत प्रेरणादायक है।”
देशभर में योग दिवस की धूम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार विशाखापट्टनम से योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम की अगुवाई की। यह आयोजन रामकृष्ण बीच से भोगापुरम तक 26 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला रहा, जहां हजारों लोगों ने योग सत्र में भाग लिया।
PM मोदी ने कहा:
“योग सबके लिए है — सीमाओं, पृष्ठभूमियों, उम्र या क्षमताओं से परे।
योग दिवस 2.0 का उद्देश्य हो: “Yoga for Humanity”, जहां आंतरिक शांति वैश्विक नीति बन जाए।”
उन्होंने योग को “मानवता के लिए पॉज़ बटन” बताया — ताकि हम सांस ले सकें, संतुलित हो सकें और फिर से संपूर्ण बन सकें।
वैश्विक स्तर पर योग का असर
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देहरादून में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यपाल गुरमीत सिंह के साथ विशेष योग सत्र में भाग लिया।
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विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने दिल्ली में कार्यक्रम में भाग लिया।
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दुनियाभर के भारतीय मिशनों में भी योग दिवस मनाया गया, जिसने यह दिखाया कि योग अब एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है।
इस साल की थीम है: “Yoga for One Earth, One Health” — यानी धरती और मानवता के लिए समग्र स्वास्थ्य।

