
यूपी के ग्रेटर नोएडा में अवैध खनन और यमुना अथॉरिटी की टीम पर हमले के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर जगनपुर पुलिस चौकी के सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। इस कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
यमुना अथॉरिटी की टीम पर हमला
सोमवार देर रात यमुना अथॉरिटी की टीम को अवैध खनन की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम सेक्टर-17 पहुंची। टीम में सहायक प्रबंधक संजय कुमार श्रीवास्तव, सुपरवाइजर प्रमोद कुमार और सुरक्षा गार्ड शामिल थे। मौके पर एक JCB और चार डंपर मिले।
जब टीम ने अवैध खनन को रोकने की कोशिश की, तो खनन माफियाओं ने उन पर हमला कर दिया और उनकी कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद अथॉरिटी की टीम ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। मामले में दीपक कसाना समेत 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।
पुलिस पर लापरवाही और माफियाओं से मिलीभगत के आरोप
सूत्रों के अनुसार, स्थानीय पुलिस पर मामले में लापरवाही बरतने और माफियाओं से मिलीभगत के आरोप लगे। इसी आधार पर ADCP सुधीर कुमार की जांच के बाद गुरुवार रात को चौकी इंचार्ज सोनू शर्मा, और कांस्टेबल राजीव, अमरदीप और मुकेश चौधरी को लाइन हाजिर कर दिया गया।
इसकी पुष्टि DCP ग्रेटर नोएडा साद मियां खान ने की है।
गिरफ्तारी भी हुई
इस मामले में पुलिस ने दीपक कसाना, विनय, रविंद्र, गौरव और राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
यह कार्रवाई पुलिस महकमे में कड़ी अनुशासन और पारदर्शिता को लेकर एक सख्त संदेश मानी जा रही है।
