न मोबाइल, न घड़ी, बिना खिड़कियों वाला कमरा
फिर कैसे लीक हुआ NEET का पेपर? जांच में परीक्षा सिस्टम पर उठे बड़े सवाल
NEET पेपर लीक मामले में अब सबसे बड़ा सवाल परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। दावा किया जा रहा है कि जिस कमरे में पेपर से जुड़े काम होते थे, वहां मोबाइल, घड़ी और बाहरी संपर्क की अनुमति नहीं थी। कमरा बिना खिड़कियों वाला था और सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी बताई जा रही थी। इसके बावजूद पेपर लीक कैसे हुआ, यह जांच का सबसे अहम मुद्दा बन गया है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या पेपर लीक सिस्टम के बाहर से हुआ या फिर अंदरूनी लोगों की मिलीभगत से जानकारी बाहर पहुंची। अगर कमरे में किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाने की अनुमति नहीं थी, तो फिर पेपर की जानकारी बाहर कैसे निकली, यह बड़ा सवाल है।
इस मामले में परीक्षा केंद्रों, पेपर हैंडलिंग प्रक्रिया, स्टाफ की भूमिका और सुरक्षा प्रोटोकॉल की बारीकी से जांच की जा रही है। शक इस बात पर भी है कि कहीं पेपर मूवमेंट, प्रिंटिंग, स्टोरेज या वितरण के किसी चरण में चूक तो नहीं हुई।
छात्रों और अभिभावकों में इस मामले को लेकर भारी नाराजगी है। उनका कहना है कि NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर होता है। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटना मेहनत करने वाले छात्रों के साथ अन्याय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े स्तर की परीक्षाओं में सिर्फ कैमरा और कमरे की सुरक्षा काफी नहीं है। स्टाफ वेरिफिकेशन, डिजिटल ट्रैकिंग, पेपर सीलिंग, रियल टाइम मॉनिटरिंग और जवाबदेही तय करना भी जरूरी है।
बड़ी बात
NEET पेपर लीक मामले में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जब मोबाइल, घड़ी और बाहरी संपर्क पर रोक थी, तब पेपर बाहर कैसे पहुंचा? जांच में अब इसी सवाल का जवाब तलाशा जा रहा है।

