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पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव: प्रचार तेज, बागियों से एबीवीपी की बढ़ी चुनौती

पटना यूनिवर्सिटी छात्रसंघ चुनाव 28 फरवरी को होंगे। प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच सहमति बनने के बाद चुनाव कराने का फैसला लिया गया है। चुनाव को लेकर कैंपस में प्रचार अभियान तेज हो गया है और सभी प्रत्याशी छात्रों से समर्थन मांग रहे हैं।

बागी उम्मीदवारों से बदले समीकरण

इस बार चुनाव में बागी उम्मीदवारों ने मुकाबला दिलचस्प बना दिया है। छात्रसंघ अध्यक्ष पद पर फिलहाल एबीवीपी का कब्जा है, लेकिन इस बार उसे कड़ी चुनौती मिल रही है।

एबीवीपी ने अध्यक्ष पद के लिए अनुष्का को उम्मीदवार बनाया है। टिकट नहीं मिलने से नाराज चार कार्यकर्ता बागी बनकर निर्दलीय मैदान में उतर गए हैं। इससे एबीवीपी के लिए स्थिति मुश्किल हो गई है।

टिकट को लेकर विवाद

टिकट वितरण को लेकर संगठन कार्यालय में हंगामा भी हुआ था। दो गुटों के बीच मारपीट की खबर सामने आई और मामला थाने तक पहुंचा। बाद में वरिष्ठ नेताओं ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन नाराज कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय नामांकन कर दिया।

एनएसयूआई से कड़ी टक्कर

इस बार एबीवीपी को सबसे बड़ी चुनौती एनएसयूआई से मिल रही है। एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद पर शांतनु को मैदान में उतारा है।

पिछली बार एबीवीपी का उम्मीदवार जीता था और पहली बार एक महिला अध्यक्ष बनी थीं। इसी को देखते हुए एबीवीपी ने फिर से महिला उम्मीदवार पर भरोसा जताया है।

छात्र जदयू की ओर से प्रिंस कुमार और राजद की ओर से संटू कुमार भी मैदान में हैं।

सेंट्रल पैनल में 41 उम्मीदवार

इस चुनाव में सेंट्रल पैनल के लिए कुल 41 उम्मीदवार मैदान में हैं।

  • अध्यक्ष पद: 11 उम्मीदवार

  • उपाध्यक्ष: 8 उम्मीदवार

  • महासचिव: 9 उम्मीदवार

  • संयुक्त सचिव: 6 उम्मीदवार

  • कोषाध्यक्ष: 7 उम्मीदवार

पहले हुआ था चुनाव स्थगित

कुछ दिन पहले साइंस कॉलेज में एक शिक्षक के साथ मारपीट की घटना के बाद चुनाव स्थगित कर दिए गए थे। शिक्षक संघ के दबाव के बाद प्रशासन ने चुनाव टाल दिए थे। बाद में छात्रों ने माफी मांगी और भविष्य में ऐसी घटना न होने का आश्वासन दिया, जिसके बाद चुनाव कराने पर सहमति बनी।

अब 28 फरवरी को होने वाले चुनाव को लेकर कैंपस में माहौल गर्म है और मुकाबला काफी रोचक माना जा रहा है।

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