
चंदे को लेकर विवाद
जानकारी के अनुसार, चुनाव की घोषणा के बाद कुछ छात्र संगठनों पर अशोक राजपथ के व्यवसायियों से चुनावी चंदा मांगने और दबाव बनाने के आरोप लगे हैं। पिछले दो दिनों में इस मामले से जुड़े दो घटनाक्रम सामने आए हैं। व्यवसायियों की शिकायत पर पीरबहोर थाना पुलिस ने कार्रवाई की।
हालांकि पुलिस का कहना है कि छात्रों के बीच घड़ी बनाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसमें मारपीट की घटना सामने आई। वहीं, सूत्रों का दावा है कि मामला चुनावी चंदे से जुड़ा हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई
पटना सिटी एसपी (मध्य) भानु प्रताप सिंह ने बताया कि छात्र संघ चुनाव को देखते हुए सभी संबंधित थानों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। देर रात विश्वविद्यालय के अलग-अलग छात्रावासों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। इस दौरान आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
दागी उम्मीदवार भी मैदान में
छात्र संघ अध्यक्ष पद के लिए कुल 15 उम्मीदवारों ने नामांकन किया है। इनमें से दो उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। प्रारंभिक जांच (स्क्रूटनी) में दोनों के नामांकन को ‘वैलिड’ माना गया है, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया है। इन पर गंभीर आरोप, जैसे बमबाजी के मामले दर्ज होने की बात कही जा रही है।
विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दोनों आरोपियों के नामांकन को वैध घोषित किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं। नियमों के अनुसार, आपराधिक रिकॉर्ड वाले छात्रों को चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं होती। फिर भी उन्हें अनुमति कैसे दी गई, इस पर चर्चा हो रही है।
बताया जा रहा है कि 20 फरवरी 2026 को ग्रीवांस रेड्रेसल सेल (GRC) की बैठक में इस मुद्दे पर विचार किया गया था, जिसके बाद दोनों उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने की मंजूरी दी गई।
फिलहाल पूरे मामले ने विश्वविद्यालय परिसर में राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
