
कोर्ट ने यह शर्त भी रखी है कि मामले की सुनवाई के दौरान उन्हें खुद अदालत में उपस्थित होना होगा। करीब छह दिन बेउर जेल में रहने के बाद अब उनके बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।
तीन मामलों में मिली जमानत
पप्पू यादव को रिहाई के लिए तीन अलग-अलग मामलों में जमानत लेनी पड़ी।
सबसे पहले उन्हें 31 साल पुराने एक केस में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें पहले ही उन्हें जमानत मिल चुकी थी।
इसके बाद पुलिस ने उन पर सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाया और 2017 व 2019 के लंबित मामलों में रिमांड पर लिया।
पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों ने कहा कि ये सभी मामले जमानती हैं और सांसद जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। कोर्ट ने दलीलें सुनने के बाद तीनों मामलों में जमानत दे दी।
6 फरवरी को हुई थी गिरफ्तारी
पप्पू यादव को 6 फरवरी की आधी रात को पटना के मंदिरी स्थित उनके घर से पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की खबर आई, जिसके बाद उन्हें पीएमसीएच अस्पताल में भर्ती कराया गया। बाद में उन्हें बेउर जेल भेज दिया गया।
इस दौरान पटना, पूर्णिया और बिहार के कई हिस्सों में उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। कुछ नेताओं ने भी उनकी गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताया। समर्थकों का आरोप था कि सरकार की आलोचना करने के कारण उन्हें पुराने मामलों में फंसाया गया।
गिरफ्तारी से जमानत तक की पूरी घटना
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6 फरवरी: देर रात घर से गिरफ्तारी।
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7 फरवरी: तबीयत बिगड़ी, अस्पताल ले जाया गया, फिर कोर्ट में पेशी।
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8 फरवरी: अलग-अलग जगहों पर समर्थकों का प्रदर्शन।
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9 फरवरी: कोर्ट में बम की धमकी के कारण सुनवाई टली।
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10 फरवरी: पुराने केस में जमानत मिली, लेकिन अन्य मामलों में प्रक्रिया जारी रही।
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12 फरवरी: अन्य धाराओं में फिर से न्यायिक हिरासत।
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13 फरवरी: बाकी दो मामलों में भी जमानत मिल गई।
अब सभी मामलों में जमानत मिलने के बाद पप्पू यादव की रिहाई कभी भी हो सकती है।
