
जयपुर।
राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित परवन वृहद सिंचाई परियोजना से प्रभावित लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। झालावाड़ और बारां जिलों के डूब प्रभावित 27 गांवों के 1090 मकानों के लिए राज्य सरकार ने 36.97 करोड़ रुपये की विशेष सहायता राशि को मंजूरी दे दी है।
जल संसाधन मंत्री की पहल से मिली राहत
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने अप्रैल 2025 में परवन बांध का दौरा कर वहां के प्रभावित परिवारों से बातचीत की थी। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राजकीय भूमि (जैसे चारागाह, सिवायचक व वन भूमि) पर बने मकानों को भी मुआवजे में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेजा। अब इसे मंजूरी मिल गई है।
पहले नहीं मिलता था मुआवजा
इससे पहले, परियोजना के तहत केवल 47 गांवों की निजी भूमि और 29 गांवों के कुछ मकानों को ही मुआवजा दिया गया था। लेकिन राजकीय भूमि पर बने मकान मुआवजे से वंचित रह जाते थे। अब झालावाड़ जिले के खानपुर व अकलेरा के 17 गांव और बारां जिले के छीपाबड़ौद के 10 गांवों के लोग भी मुआवजा पा सकेंगे।
परियोजना के काम को मिलेगी रफ्तार
यह विशेष सहायता न केवल प्रभावित परिवारों के लिए राहत लेकर आई है, बल्कि इससे परवन सिंचाई परियोजना के बाकी निर्माण कार्यों को भी तेजी मिलेगी।
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यह परियोजना 571 गांवों की 2 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई की सुविधा देगी।
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साथ ही 1402 गांवों में पेयजल आपूर्ति भी सुनिश्चित करेगी।
मंत्री का बयान
जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा,
“हाड़ौती की इस महत्वपूर्ण परियोजना के डूब क्षेत्र के लोगों को अब न्याय और सम्मानजनक मुआवजा मिलेगा। इससे उन्हें राहत भी मिलेगी और परियोजना भी तय समय में पूरी हो सकेगी।”
यह फैसला प्रभावितों के लिए बड़ी राहत साबित होगा और क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।
