इस्लामाबाद/नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव अब और अधिक गहराता जा रहा है। भारत की ओर से सख्त कदम उठाने के बाद पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए भारतीय ध्वज वाले जहाजों को अपने बंदरगाहों पर प्रवेश से रोक दिया है। साथ ही, पाकिस्तानी पोतों को भी भारतीय बंदरगाहों पर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
भारत सरकार ने शनिवार को पाकिस्तान के खिलाफ कई कड़े फैसले लिए, जिनमें डाक सेवाओं का निलंबन, पाकिस्तानी पोतों के भारतीय बंदरगाहों पर प्रवेश पर रोक और व्यापारिक आयात-निर्यात का स्थगन शामिल है। इसके कुछ ही घंटों बाद, पाकिस्तान के समुद्री मामलों के मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर भारतीय जहाजों के लिए अपने बंदरगाह पूरी तरह बंद कर दिए।
‘डॉन’ की रिपोर्ट के अनुसार लिया गया फैसला
पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए बताया कि यह आदेश शनिवार देर रात जारी किया गया, जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया कि अब भारतीय झंडा लगे किसी भी जहाज को पाकिस्तान के किसी बंदरगाह पर प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ लिए गए कठोर कदमों की प्रतिक्रिया में लिया गया है।
भारत का दो-टूक संदेश: “आतंकियों को नहीं छोड़ा जाएगा”
भारत ने पहलगाम हमले को लेकर आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और कठोर करते हुए स्पष्ट कहा है कि देश अब आतंक और उसके समर्थकों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस हमले को भारत की आत्मा पर हमला माना जा रहा है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
भारत ने पहले ही लिए थे कई सख्त फैसले
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पाकिस्तान के साथ सभी डाक सेवाएं रोकी गईं।
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पाकिस्तानी जहाजों को भारतीय बंदरगाहों से रोका गया।
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भारत ने पाकिस्तान से होने वाले सभी प्रकार के आयात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया।
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अटारी एकीकृत जांच चौकी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई।
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सिंधु जल संधि की समीक्षा प्रक्रिया शुरू की गई।
पहलगाम हमला: 26 निर्दोषों की गई जान
22 अप्रैल को हुए इस हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें ज्यादातर पर्यटक शामिल थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस हमले के पीछे पाकिस्तान से जुड़े आतंकी संगठनों का हाथ होने की संभावना है। भारत लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी उठा रहा है।

