
अब अगर किसी चालक का एक साल में पांच बार चालान कटता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा।
45 दिन में चालान भरना जरूरी
चालान कटने के बाद 45 दिन के भीतर जुर्माना भरना या आपत्ति दर्ज कराना अनिवार्य होगा। समय सीमा के बाद कोई राहत नहीं मिलेगी।
कोर्ट जाने से पहले आधा जुर्माना जमा
अगर कोई व्यक्ति आरटीओ के फैसले से असंतुष्ट है, तो उसे कोर्ट में याचिका दाखिल करने से पहले चालान की 50% रकम जमा करनी होगी। बिना आधा जुर्माना भरे अदालत में अपील नहीं की जा सकेगी।
अगर वाहन मालिक आपत्ति दर्ज करता है, तो आरटीओ को 30 दिन के अंदर फैसला देना होगा। तय समय में फैसला नहीं हुआ तो चालान स्वतः रद्द माना जाएगा।
कैमरों से भी कटेंगे चालान
संशोधित मोटरयान नियमों के तहत अब चालान सिर्फ मौके पर ही नहीं, बल्कि कैमरों और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से भी काटे जाएंगे।
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भौतिक चालान 15 दिन में भेजा जाएगा।
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ई-चालान 3 दिन के भीतर वाहन मालिक तक पहुंचेगा।
अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो वाहन को जब्त किया जा सकता है। साथ ही, जब तक चालान जमा नहीं होगा, तब तक वाहन से जुड़ा कोई काम जैसे फिटनेस, ट्रांसफर आदि नहीं किया जाएगा।
परिवहन विभाग ने सभी अधिकारियों को सख्ती से नियम लागू करने के निर्देश दिए हैं।
