एशिया कप हॉकी 2025 की शुरुआत 29 अगस्त से बिहार के राजगीर खेल परिसर में होने जा रही है। लेकिन टूर्नामेंट से ठीक पहले बड़ा बदलाव सामने आया है। पाकिस्तान और ओमान ने आधिकारिक रूप से अपनी भागीदारी वापस ले ली है। अब उनकी जगह बांग्लादेश और कजाकिस्तान को शामिल कर लिया गया है।
पाकिस्तान हॉकी फेडरेशन (PHF) ने भारतीय अधिकारियों को पत्र लिखकर साफ कर दिया कि वे इस बार टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगे। एक महीने पहले भी PHF ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए संकेत दिए थे कि वे भारत यात्रा नहीं करेंगे। हालांकि भारत सरकार ने उन्हें वीजा दे दिया था, लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान पीछे हट गया।
सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, ओमान की टीम ने भी भाग लेने से इनकार कर दिया। इसके चलते टूर्नामेंट की टीमों की संख्या कम हो रही थी। ऐसे में हॉकी एशिया कप के आयोजकों ने तुरंत फैसला लेते हुए बांग्लादेश और कजाकिस्तान को जगह दी।
एशिया कप सिर्फ एक ट्रॉफी जीतने का टूर्नामेंट नहीं है, बल्कि इसके विजेता को 2026 हॉकी वर्ल्ड कप (बेल्जियम और नीदरलैंड) का सीधा टिकट मिलता है। पाकिस्तान के हटने से अब वह इस मौके से वंचित हो गया है।
एशिया कप हॉकी की शुरुआत 1982 में पाकिस्तान के कराची से हुई थी। अब तक का सबसे सफल देश दक्षिण कोरिया है, जिसने 5 बार खिताब जीता है।
भारत और पाकिस्तान दोनों ने 3-3 बार एशिया कप जीता है।
भारत 8 बार फाइनल खेल चुका है, लेकिन उसमें से 5 बार हार का सामना करना पड़ा। यह भारत की लगातार अच्छी परफॉर्मेंस और मजबूती को दर्शाता है।
पाकिस्तान और ओमान के बाहर होने से टूर्नामेंट का रोमांच कम नहीं हुआ है। बांग्लादेश और कजाकिस्तान की एंट्री से नई टीमें अपने दमखम का प्रदर्शन करेंगी। भारत समेत एशिया की बड़ी टीमें खिताब जीतकर वर्ल्ड कप का टिकट हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगी।

