पाकिस्तान क्रिकेट टीम इन दिनों वेस्टइंडीज दौरे पर है, जहां उसे तीन मैचों की वनडे सीरीज में शर्मनाक नतीजों का सामना करना पड़ा। 12 अगस्त को खेले गए आखिरी मैच में पाकिस्तान की हालत इतनी खराब रही कि उसकी तुलना भारत से करने पर फर्क साफ नज़र आता है। जहां भारतीय टीम वेस्टइंडीज को उसके घर में आसानी से मात दे चुकी है, वहीं पाकिस्तान उसी टीम से बुरी तरह हार गया।
मैच में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर वेस्टइंडीज को पहले बल्लेबाज़ी का न्योता दिया। यह फैसला उल्टा पड़ गया, क्योंकि कैरेबियाई कप्तान शाई होप ने तूफानी अंदाज़ में 94 गेंदों पर 120 रन ठोक दिए। उनके अलावा जस्टिन ग्रीव्स (43), एविन लुईस (37) और रोस्टन चेज़ (36) ने अहम योगदान दिया। वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 6 विकेट खोकर 294 रन बना डाले। पाकिस्तान के लिए नसीम शाह और अबरार अहमद ने 2-2 विकेट लिए।
295 रनों के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए पाकिस्तान की शुरुआत मानो डरावनी कहानी बन गई। पहले 23 रन तक ही चार विकेट गिर गए—सैम अयूब, मोहम्मद रिज़वान और अब्दुल्ला शफीक खाता भी नहीं खोल पाए, जबकि कप्तान बाबर आज़म 9 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद बाकी बल्लेबाज़ भी टिक नहीं पाए और पूरी टीम 29.2 ओवर में सिर्फ 92 रन पर सिमट गई। वेस्टइंडीज के तेज़ गेंदबाज़ जायडेन सील्स ने पाकिस्तान के बल्लेबाज़ों को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। उन्होंने सिर्फ 18 रन देकर 6 विकेट झटके और अपने करियर का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया।
क्रिकेट फैन्स अब इस हार के बाद भारत-पाकिस्तान की हालिया परफॉर्मेंस की तुलना कर रहे हैं। कुछ महीने पहले भारतीय टीम ने वेस्टइंडीज को उसी के घर में वनडे और टेस्ट सीरीज में मात दी थी। वहीं पाकिस्तान उसी वेस्टइंडीज टीम के सामने टिक ही नहीं पाया। भारत के बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों में स्थिर प्रदर्शन के मुकाबले पाकिस्तान का खेल कमजोर और अस्थिर नज़र आया।
यह जीत वेस्टइंडीज के लिए ऐतिहासिक रही, क्योंकि उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज जीतने का 34 साल पुराना इंतज़ार खत्म कर दिया। आखिरी बार यह कारनामा 1991 में हुआ था।

