पाकिस्तान के लाहौर में कई इलाकों के नाम बदले गए, पुराने ऐतिहासिक नाम फिर चर्चा में
पाकिस्तान के लाहौर शहर में कई इलाकों और चौकों के नाम बदलने को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहर की 9 जगहों के नाम बदले गए हैं, जिनमें कुछ पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक नामों को फिर से इस्तेमाल किया गया है।
जानकारी के अनुसार, लाहौर के इस्लामपुरा इलाके का नाम बदलकर फिर से “कृष्णनगर” किया गया है। वहीं, “बाबरी चौक” को दोबारा “जैन मंदिर चौक” नाम दिया गया है। इन बदलावों को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि यह फैसला शहर की ऐतिहासिक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से लिया गया है। कई जगहों के पुराने नाम विभाजन से पहले के इतिहास से जुड़े बताए जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि लाहौर ऐतिहासिक रूप से बहु-सांस्कृतिक शहर रहा है, जहां हिंदू, सिख, जैन और मुस्लिम समुदायों की विरासत मौजूद रही है। इसी वजह से पुराने नामों की वापसी को सांस्कृतिक पहचान से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि कुछ संगठनों और राजनीतिक समूहों ने इस फैसले पर सवाल भी उठाए हैं। उनका कहना है कि नाम बदलने से जुड़े मुद्दे संवेदनशील हो सकते हैं और इन्हें लेकर व्यापक चर्चा जरूरी है।
सोशल मीडिया पर लोग पुराने और नए नामों की तुलना करते हुए शहर के इतिहास पर चर्चा कर रहे हैं। कई लोगों ने इसे सांस्कृतिक विरासत को पहचान देने वाला कदम बताया है।
फिलहाल लाहौर में बदले गए नामों को लेकर बहस जारी है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया और तेज हो सकती है।

