इस्लामाबाद/पेशावर: पाकिस्तान सरकार अब अवैध विदेशी नागरिकों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ व्यापक अभियान चला रही है। अफगान शरणार्थियों के साथ-साथ अन्य गैरकानूनी विदेशी नागरिकों को स्वेच्छा से देश छोड़ने का अल्टीमेटम दिया गया है। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति इन अवैध नागरिकों को काम, आवास या अन्य सहायता प्रदान करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गृह मंत्रालय का रुख सख्त
साल 2025 की शुरुआत में पाकिस्तान ने सभी गैरकानूनी प्रवासियों और अफगान नागरिक कार्ड (ACC) धारकों को 31 मार्च तक देश छोड़ने का निर्देश दिया था। तय समय सीमा के बाद कई क्षेत्रों से अफगानों को वापस भेजा गया। ACC एक अस्थायी पहचान दस्तावेज है, जिसे 2017 में अफगान शरणार्थियों को सीमित वैधता देने के उद्देश्य से जारी किया गया था।
11 लाख से अधिक को वापस भेजा गया
सरकार के अनुसार, 1 अप्रैल 2025 से शुरू हुए ‘अवैध विदेशी स्वदेश वापसी कार्यक्रम’ के अंतर्गत अब तक 11,02,441 से अधिक गैरकानूनी निवासियों को देश से निकाला जा चुका है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि किसी भी अवैध नागरिक को आश्रय, नौकरी या व्यापारिक सुविधा देना कानून का उल्लंघन है, और दोषियों को सजा दी जाएगी।
मानवीय सहायता का भी दावा
पाकिस्तानी सरकार ने यह भी कहा कि स्वदेश लौट रहे लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जा रहा है। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य और भोजन जैसी बुनियादी जरूरतों की व्यवस्था की गई है।
पृष्ठभूमि
बीते चार दशकों में अफगानिस्तान के अस्थिर हालातों के कारण लाखों अफगानी शरणार्थी पाकिस्तान आए थे। एक अनुमान के अनुसार, पाकिस्तान में करीब 30 लाख अफगान शरणार्थी रह रहे थे, जिनमें से 8 लाख से अधिक के पास ACC कार्ड हैं और लगभग 13 लाख के पास पंजीकरण प्रमाणपत्र (POR) मौजूद है। नवंबर 2023 से अब तक करीब 13 लाख अफगानियों को निर्वासित किया जा चुका है।

