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पाकिस्तान में फिर हिला धरती का सीना, पश्चिमी क्षेत्र में महसूस किए गए भूकंप के झटके

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इस्लामाबाद: पाकिस्तान में एक बार फिर धरती हिली है। शुक्रवार दोपहर लगभग 1:37 बजे पश्चिमी पाकिस्तान में भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.2 मापी गई है। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के अनुसार, झटकों का केंद्र पश्चिमी इलाके में था, हालांकि जान-माल के नुकसान की अब तक कोई सूचना नहीं है।

लगातार आ रहे झटकों से दहशत में लोग

हाल के हफ्तों में पाकिस्तान के कई क्षेत्रों में बार-बार भूकंप के झटके दर्ज किए गए हैं, जिससे लोगों के बीच डर और असहजता बनी हुई है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने एक बार फिर इस क्षेत्र की भूगर्भीय संवेदनशीलता की ओर ध्यान खींचा है।


आख़िर क्यों आते हैं भूकंप?

हमारी धरती की बाहरी सतह कई विशाल टेक्टोनिक प्लेट्स में बंटी हुई है। ये प्लेट्स हर वक्त धीमी गति से हिलती रहती हैं। जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे के ऊपर-नीचे खिसकती हैं, तो भूगर्भीय तनाव बनता है, और एक बिंदु पर यह तनाव टूटने पर भूकंप उत्पन्न होता है। जितनी अधिक ऊर्जा एकत्र होती है, उतना ही भूकंप विनाशकारी हो सकता है।


भारत में कौन-कौन से इलाके हैं संवेदनशील?

भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, भारत का लगभग 59% भूभाग भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है। इस आधार पर देश को चार भूकंपीय जोन (Zone 2 से Zone 5) में बांटा गया है:

दिल्ली Zone-4 में आता है, जहां 7 तीव्रता तक के भूकंप की आशंका जताई गई है।


रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता का क्या मतलब होता है?

तीव्रता प्रभाव
4.0 – 4.9 हल्के झटके, छोटे सामान गिर सकते हैं
5.0 – 5.9 भारी फर्नीचर हिल सकता है
6.0 – 6.9 इमारतों में दरारें आ सकती हैं
7.0 – 7.9 इमारतें गिरने की आशंका, भारी तबाही
8.0 – 8.9 विनाशकारी असर, सुनामी की आशंका
9.0+ भीषण तबाही, बड़े इलाके प्रभावित

सावधानी और तैयारी ही बचाव है

भूकंप की भविष्यवाणी अभी भी असंभव है, लेकिन जागरूकता, सतर्कता और मजबूत संरचनात्मक निर्माण के जरिए जान-माल की रक्षा की जा सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि खासतौर पर संवेदनशील क्षेत्रों में भूकंप-रोधी निर्माण तकनीक को बढ़ावा देना बेहद ज़रूरी है।

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