
बजट और खर्च
-
कुल 495 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं।
-
220 लाख रुपए भवन निर्माण पर,
-
125 लाख रुपए चिकित्सा उपकरणों पर,
-
150 लाख रुपए मानव संसाधन पर खर्च होंगे।
केंद्र में क्या होगा
-
ट्रॉमा सेंटर में वार्ड, गैलरी और आपातकालीन कक्ष बनाए जाएंगे।
-
सभी कार्य में उच्च गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
क्यों है जरूरी
-
एक्सप्रेसवे पर लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं और गंभीर रूप से घायल मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता।
-
ट्रॉमा सेंटर बनने से आपातकालीन चिकित्सा सुविधा तुरंत उपलब्ध होगी और मरीजों को उच्च चिकित्सा केंद्र तक ले जाते समय होने वाली मौतों में कमी आएगी।
कार्य की प्रगति
-
जनवरी 2025 में राशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन विभागीय प्रक्रियाओं में देरी के कारण काम शुरू नहीं हो पाया था।
-
14 जनवरी को कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला ने औचक निरीक्षण कर तुरंत निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए।
-
निर्माण कार्य निर्धारित अवधि में पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
विधायक और अधिकारियों की राय
-
रामस्वरूप मीणा (बीसीएमएचओ, रैणी): ट्रॉमा सेंटर से गंभीर मरीजों की जान बचाई जा सकेगी।
-
मांगेलाल मीणा (विधायक): यह केंद्र जीवनदायनी साबित होगा, सभी प्रकार की जांच और आपातकालीन सुविधा उपलब्ध होगी।
यह ट्रॉमा सेंटर क्षेत्र के मरीजों और सड़क हादसों के घायलों के लिए जीवनरक्षक केंद्र के रूप में काम करेगा।
