
राज्य में अब तक का काम
राजस्थान में इस योजना के तहत अब तक 2,462 मेगावॉट की क्षमता के 991 सोलर प्रोजेक्ट लगाए जा चुके हैं।
इन परियोजनाओं के लिए सोलर पीवी क्षमता के आधार पर 233 करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम मंत्रालय को भेजे गए थे। इसके बाद मंत्रालय ने जयपुर, जोधपुर और अजमेर बिजली वितरण निगमों के लिए सहायता राशि स्वीकृत की है।
सीधे खातों में जाएगी राशि
केन्द्रीय नोडल एजेंसी सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) यह राशि सीधे सोलर प्लांट लगाने वाले ऊर्जादाताओं के बैंक खातों में ट्रांसफर करेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी से अनुरोध किया था। मंजूरी मिलने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर खुशी जाहिर की। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने भी इस संबंध में पत्र लिखा था।
क्या है कुसुम कम्पोनेंट-C योजना
कुसुम योजना के तहत किसानों को सौर ऊर्जा उत्पादक बनने का मौका मिलता है।
किसान अपनी जमीन पर ग्रिड से जुड़े सोलर प्लांट लगाकर बिजली बना सकते हैं। जरूरत से ज्यादा बिजली बेचकर वे अतिरिक्त आमदनी भी कमा सकते हैं। इससे किसानों को दोहरा आर्थिक लाभ मिलता है।
दिन में मिलेगी किसानों को बिजली
फीडर लेवल सोलराइजेशन के तहत कम्पोनेंट-C में लगे 991 प्रोजेक्ट्स से
1 लाख 41 हजार 589 किसानों को दिन में कृषि कार्य के लिए बिजली मिल रही है।
आगे का लक्ष्य
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वर्ष के अंत तक 5,018 मेगावॉट के 1,997 सोलर प्लांट लगाने का लक्ष्य
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3 लाख 62 हजार 197 किसानों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की योजना
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राज्य में कम्पोनेंट-A और कम्पोनेंट-C के तहत अब तक 2,877 मेगावॉट के 1,307 सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं
अगर आप चाहें तो मैं इसे न्यूज़ कार्ड, सोशल मीडिया पोस्ट या इन्फोग्राफिक टेक्स्ट में भी बदल सकता हूँ।
