
पीएम मोदी अजमेर में 23,500 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की घोषणा करेंगे और 21,000 युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटेंगे। लेकिन इस कार्यक्रम से पहले बेनीवाल ने सरकार को चुनावी वादों की याद दिलाई है।
पेपर लीक पर सवाल
बेनीवाल ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में माफियाओं को सख्त सजा देने का वादा किया गया था।
उनका आरोप है कि राजस्थान में बार-बार हुए पेपर लीक से लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार केवल छोटे आरोपियों को पकड़कर मामला खत्म कर देगी या बड़े लोगों पर भी कार्रवाई होगी?
SI भर्ती 2021 पर घेराबंदी
सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2021 को लेकर भी बेनीवाल ने सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि इस भर्ती में गड़बड़ी सामने आ चुकी है और कई ट्रेनी गिरफ्तार भी हो चुके हैं। इसके बावजूद भर्ती को जारी रखने की कोशिश क्यों की जा रही है? उनका कहना है कि यह युवाओं के साथ अन्याय है।
‘जीरो टॉलरेंस’ पर कटाक्ष
बेनीवाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने हाल ही में सामने आए विधायक रिश्वत मामले का जिक्र करते हुए पूछा कि क्या यही भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस है?
RPSC के पुनर्गठन की मांग
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की साख पर भी उन्होंने चिंता जताई। उनका कहना है कि आयोग के पुनर्गठन और पारदर्शिता के लिए जो वादे किए गए थे, उनका अब तक स्पष्ट रोडमैप सामने नहीं आया है।
बेनीवाल के 4 प्रमुख सवाल
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पेपर लीक मामलों में बड़े दोषियों पर सख्त और समयबद्ध कार्रवाई कब होगी?
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RPSC के पुनर्गठन का स्पष्ट रोडमैप कब जारी होगा?
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भ्रष्टाचार में नाम आने वाले विधायकों पर कब कार्रवाई होगी?
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SI भर्ती 2021 पर केंद्र सरकार का क्या रुख है?
पीएम मोदी के दौरे से पहले उठे इन सवालों ने प्रदेश की राजनीति को और गरमा दिया है।
